ममता बनर्जी समर्थक गुट ने चुनाव आयोग को भेजी टीएमसी की असली कार्यसमिति की सूची
टीएमसी के भीतर की राजनीतिक हलचल
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के ममता बनर्जी के समर्थक गुट ने चुनाव आयोग (ईसीआई) को एक पत्र भेजकर पार्टी की 'मूल' और 'वास्तविक' राष्ट्रीय कार्यसमिति का विवरण प्रस्तुत किया है।
इस गुट ने दावा किया है कि उनकी भेजी गई सूची ही पार्टी की असली राष्ट्रीय कार्यसमिति का प्रतिनिधित्व करती है। यह कदम तब उठाया गया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी के 'विद्रोही लेकिन बहुमत' गुट ने एक समानांतर राष्ट्रीय कार्यसमिति की घोषणा की।
सूत्रों के अनुसार, ममता समर्थक गुट ने सोमवार रात ईसीआई को यह जानकारी भेजी। इससे पहले, विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में विद्रोही गुट ने नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का ऐलान किया था, जिसमें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को शामिल नहीं किया गया।
ममता समर्थक गुट द्वारा चुनाव आयोग को सौंपी गई सूची में ममता बनर्जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुब्रत बक्शी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अभिषेक बनर्जी को महासचिव के रूप में दर्शाया गया है।
इसके अतिरिक्त, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन को संयुक्त सचिव तथा पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाषिश चक्रवर्ती को कोषाध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन दूसरे गुट को शुभकामनाएं दी हैं।
विद्रोही गुट द्वारा सोमवार शाम घोषित नई राष्ट्रीय कार्यसमिति में वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अरूप रॉय को ममता बनर्जी की जगह अध्यक्ष बनाया गया है। पूर्व मंत्री अरूप विश्वास को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि विधायक फिरहाद हकीम और रथीन घोष को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है।
नई समिति में ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान, संदीपन साहा और सबीना यास्मीन को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अखरुज्जमान को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार 'मूल लेकिन अल्पमत' गुट ने चुनाव आयोग से कहा है कि उनकी प्रस्तुत की गई राष्ट्रीय कार्यसमिति ही पार्टी की वास्तविक कार्यसमिति है और विद्रोही गुट द्वारा घोषित नई समिति को मान्यता नहीं दी जानी चाहिए।