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महंगाई का नया झटका: डीजल-पेट्रोल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी

नई दिल्ली में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी हुई है, जो कि पिछले 10 दिनों में चौथी बार है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पर सरकार पर तीखा हमला किया है, यह कहते हुए कि महंगाई चुपके-चुपके जनता की जेब काट रही है। उन्होंने भविष्य में और बढ़ती महंगाई की चेतावनी दी है। जानें इस बढ़ोतरी के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

महंगाई का असर: डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं

नई दिल्ली। आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। डीजल और पेट्रोल के दामों में एक बार फिर वृद्धि की गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब इन ईंधनों की कीमतें बढ़ाई गई हैं। इस पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि, आपकी जेब चुपके-चुपके खाली की जा रही है। भविष्य में महंगाई और बढ़ने की संभावना है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला। पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाए जाते हैं ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे। मैं महीनों से आर्थिक तूफान की चेतावनी दे रहा था। लेकिन मोदी जी चुनाव में व्यस्त थे, और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल ₹8 महंगा कर दिया। यह बढ़ोतरी जारी रहेगी। महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है - चुनाव में वादे और बाकी समय जनता की जेब पर वार।"

जानकारी के अनुसार, पिछले 10 दिनों में डीजल-पेट्रोल की कीमतों में यह चौथी वृद्धि है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। इसके बाद 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई। 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का प्रभाव परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत पर पड़ सकता है, जिससे खुदरा महंगाई और घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।