महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी विलय पर उठे सवाल
महाराष्ट्र की राजनीतिक हलचल
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है, खासकर जब से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में नए सदस्यों को शामिल करने की कोशिशें तेज हुई हैं। हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर, यह संभावना जताई जा रही है कि शरद पवार की एनसीपी (एसपी) एनडीए में विलय कर सकती है।
भाजपा की विलय की कोशिशें
हालांकि, एनसीपी की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार इस विलय के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि ऐसा होने पर एनडीए को उनका समर्थन मिल जाएगा। भाजपा एनसीपी और एनसीपी (एसपी) के विलय की दिशा में काम कर रही है, लेकिन सुनेत्रा और पार्थ इस बात से असहमत हैं कि शरद पवार और सुप्रिया सुले को पार्टी की कमान वापस मिले।
विपक्षी गठबंधन में एनसीपी (एसपी)
वर्तमान में, एनसीपी (एसपी) विपक्षी गठबंधन का हिस्सा है, जबकि एनसीपी एनडीए का सदस्य है। सुनेत्रा के करीबी सूत्रों के अनुसार, कुछ एनसीपी नेता दोनों दलों के विलय के पक्ष में हैं, लेकिन सुनेत्रा और पार्थ इस विचार का विरोध करते रहे हैं। हाल ही में, पार्थ पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।
भाजपा का सदस्य संख्या बढ़ाने का प्रयास
भाजपा लगातार लोकसभा और राज्यसभा में अपने सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। महाराष्ट्र में, वह शरद पवार की एनसीपी (एसपी) और एनसीपी के विलय पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि एनडीए का कुनबा बढ़ सके। लेकिन एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ इस विलय के खिलाफ हैं।
शरद पवार का शिवसेना से हाथ मिलाने का इरादा
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि शरद पवार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के साथ गठबंधन करना चाहते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल को वित्त मंत्रालय सौंपा जा सकता है, जो पहले एनसीपी के दिवंगत नेता अजीत पवार के पास था। इस कदम से राज्य सरकार में सत्ता का संतुलन बदल सकता है।