महाराष्ट्र मंत्री संजय राठौड़ का ईंधन बचाने की अपील की अनदेखी
मंत्री की यात्रा पर उठे सवाल
जब देश के प्रधानमंत्री मोदी संकट के समय जनता से ईंधन बचाने की अपील कर रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र के मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री संजय राठौड़ ने इस अपील को नजरअंदाज करते हुए एक म्यूजियम का निरीक्षण करने के लिए बड़े काफिले के साथ यात्रा की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे लोगों ने मंत्री पर प्रधानमंत्री की अपील को अनसुना करने का आरोप लगाया है।
प्रधानमंत्री की अपील का संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन की आपूर्ति में कमी को देखते हुए सभी से बेवजह ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी। कई जनप्रतिनिधियों ने इस पर अमल करते हुए अपनी यात्राओं में कमी की है और सरकारी काफिले की गाड़ियों की संख्या भी घटाई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
यहां देखें काफिले का वीडियो
किसने कहा पेट्रोल बचाओ लगता है मोदी जी का
— Ravindra Bhalerao (@Rose_00358) May 31, 2026
आपिल का कोई असर नहीं होता है.
ये है संजय राठौड़ एक तरफ जनता परेशान है और ये जनाब हेलीकाप्टर का दौरा किया और उसमे भी 22 गाडियां का मजमा लगाके.
सवाल ये है आम जनता को कहा जा रहा थोड़ा कम पेट्रोल का इस्तेमाल करे और ये जनाब टैक्स का पैसा फुक… pic.twitter.com/l0JA0adOf9
मंत्री की यात्रा पर विवाद
मंत्री संजय राठौड़ की हालिया यात्रा विवादों में घिर गई है। उन्होंने मुंबई से नागपुर तक का सफर हवाई जहाज से तय किया और फिर पोहरादेवी पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया। इस यात्रा में पूर्व सांसद विजय दर्डा भी उनके साथ थे।
इस दौरे के दौरान उनके साथ 20 से अधिक सरकारी गाड़ियां और लगभग 12 से 15 निजी गाड़ियां थीं। इस पर लोगों ने सवाल उठाया कि जब सरकार ईंधन बचाने पर जोर दे रही है, तो इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियों के साथ यात्रा करने की आवश्यकता क्या थी?
म्यूजियम निरीक्षण का उद्देश्य
यह यात्रा मुख्य रूप से एक म्यूजियम का निरीक्षण करने और कुछ स्थानीय मामलों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। आलोचकों का कहना है कि इस तरह का तामझाम ईंधन बचाने की अपील के खिलाफ है। हालांकि, मंत्री राठौड़ ने अपनी सफाई में कहा कि यह यात्रा आवश्यक थी और उन्होंने गाड़ियों की संख्या को सामान्य से आधा कर दिया था।
फिर भी, जनता के बीच यह बहस जारी है कि क्या नेताओं को ऐसे समय में बेहतर उदाहरण पेश नहीं करना चाहिए।