महाराष्ट्र में राज्यसभा सीट पर महाविकास अघाड़ी का संघर्ष
राज्यसभा सीट पर उद्धव ठाकरे की शिव सेना का दावा
महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के विपक्षी गठबंधन को राज्यसभा की एक सीट मिलने की संभावना है, जो उद्धव ठाकरे की शिव सेना के खाते में जा सकती है। पार्टी ने इस संबंध में अपने दोनों सहयोगियों को स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया है। शिव सेना के नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी का इस सीट पर अधिकार है। उल्लेखनीय है कि उनकी पार्टी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। सूत्रों के अनुसार, संजय राउत नहीं चाहते कि इस बार यह सीट उद्धव ठाकरे की पार्टी को मिले। इसका मुख्य कारण यह है कि यदि इस बार सीट कांग्रेस या शरद पवार की पार्टी को दी जाती है, तो 2028 में उद्धव की पार्टी का दावा मजबूत होगा। ध्यान रहे कि 2028 में संजय राउत का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। यदि इस बार उद्धव की पार्टी को सीट मिल गई, तो अगली बार उनका दावा कमजोर हो जाएगा, और एक बार बाहर होने पर उनकी वापसी मुश्किल हो सकती है।
इस बीच, उद्धव की पार्टी के सहयोगी दलों के तीन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस की रजनी पाटिल रिटायर हो रही हैं, जबकि शरद पवार की एनसीपी से खुद शरद पवार और फौजिया खान का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। महाविकास अघाड़ी की तीन पार्टियों के पास मिलाकर 46 विधायक हैं, और उन्हें दो अन्य विधायकों का समर्थन प्राप्त है। 48 विधायकों के बल पर एक सीट जीती जा सकती है। यदि शरद पवार दावेदार होते हैं, तो शिव सेना उनके नाम पर विचार करेगी। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने अपने पिता के फिर से राज्यसभा जाने की संभावना से इनकार नहीं किया है। इस प्रकार, एमवीए में एक सीट का मामला दिलचस्प हो गया है। यदि उद्धव ठाकरे की पार्टी को यह सीट मिलती है, तो यह निश्चित है कि प्रियंका चतुर्वेदी को फिर से नामित किया जाएगा।