महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव पर भाजपा और शिंदे की पार्टी में विवाद
भाजपा और शिंदे की पार्टी के बीच तनाव
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव को लेकर भाजपा और उसके सहयोगियों के बीच विवाद गहरा गया है। भाजपा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी से आग्रह किया है कि वह पुणे और छत्रपति संभाजीनगर में भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करे। यह ध्यान देने योग्य है कि भाजपा नागपुर में हार गई है, जो कि संघ का मुख्यालय है और मुख्यमंत्री का गढ़ भी है। इसके बावजूद, पार्टी आत्मचिंतन करने के बजाय पुणे की सीट को लेकर विवाद में उलझी हुई है।
पुणे और संभाजीनगर की सीटें शरद पवार की एनसीपी ने जीती हैं। पिछले चुनाव में भी एनसीपी ने इन सीटों पर विजय प्राप्त की थी। इस बार भाजपा ने एक सीट पर चुनाव लड़ा, जबकि दूसरी सीट पर सुनेत्रा पवार की एनसीपी ने भाग लिया, और दोनों ही चुनाव हार गईं।
भाजपा के नेताओं का आरोप है कि एकनाथ शिंदे की पार्टी के कुछ नेताओं ने भितरघात किया, जिससे भाजपा और सुनेत्रा पवार के उम्मीदवार हार गए। पुणे स्नातक सीट पर भाजपा ने चुनाव लड़ा था, और उनका कहना है कि पुणे शहर के शिवसेना प्रमुख रविंद्र धनगेकर ने भाजपा की उम्मीदवार स्मिता जाधव के खिलाफ काम किया। इसी तरह, छत्रपति संभाजीनगर सीट पर एकनाथ शिंदे की पार्टी के नेता अब्दुल सत्तार ने एनसीपी के उम्मीदवार सतीश चव्हाण के खिलाफ काम किया।
भाजपा अब चाहती है कि एकनाथ शिंदे की पार्टी अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करे। यह भी ध्यान देने योग्य है कि एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के बीच पहले से ही सब कुछ ठीक नहीं है। एमएलसी चुनाव के परिणामों के बाद हार का ठीकरा उन पर फोड़ने से दोनों के बीच विवाद और बढ़ सकता है।