महाराष्ट्र सरकार ने LPG सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए ठोस कदम
वैश्विक ईंधन संकट और महाराष्ट्र की तैयारी
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति में, महाराष्ट्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। राज्य के अधिकारियों ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि LPG की कोई कमी नहीं है और उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है।
सिलेंडरों की उपलब्धता में वृद्धि
अधिकारियों के अनुसार, मार्च में सिलेंडरों की उपलब्धता पिछले छह महीनों की तुलना में अधिक रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल डिग्गीकर ने सभी जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
सरकार की निगरानी प्रणाली
जिला अधिकारियों ने बताया कि LPG वितरण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सप्लाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए, इसके लिए राज्य और तालुका स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। ये कंट्रोल रूम रियल-टाइम में स्थिति की निगरानी करेंगे और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान करेंगे।
विशेष समितियों का गठन
सरकार ने हर जिले में विशेष समितियों का गठन किया है, जो कलेक्टर के अधीन काम करेंगी। इन समितियों में पुलिस अधीक्षक, जिला आपूर्ति अधिकारी और सरकारी तेल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनका मुख्य कार्य LPG सप्लाई चेन की निगरानी करना और बाजार में किसी भी अफरा-तफरी को रोकना होगा।
प्राथमिकता वाले संस्थान
सरकार ने अस्पतालों और स्कूलों को प्राथमिकता देने का आदेश दिया है, जिससे इन संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही, जहां संभव हो, केरोसिन या कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की भी सलाह दी गई है। यह सब महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार किया जाएगा।
अफवाहों पर सख्त कार्रवाई
राज्य सरकार ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इससे आम घरों में LPG की उपलब्धता बढ़ेगी और नागरिकों को राहत मिलेगी।