महाराष्ट्र सरकार ने विदेश दौरों पर लगाई रोक, वर्चुअल प्लेटफॉर्म का होगा उपयोग
मुख्यमंत्री का नया आदेश
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रियों और अधिकारियों के पहले से निर्धारित विदेश दौरे को रद्द करने का निर्णय लिया है। अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संबंधित कार्य वर्चुअल माध्यमों के जरिए संपन्न किए जाएंगे, जिससे सरकारी खर्चों में कमी आएगी और देश के ईंधन बचाने के प्रयासों को भी बल मिलेगा।
आदेश का तात्कालिक प्रभाव
मुख्यमंत्री ने बुधवार को राज्य के मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के लिए विदेश यात्रा को तुरंत रद्द करने का निर्देश दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्य प्रशासन ने सभी आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरे, जो प्रशासनिक कार्यों या अध्ययन यात्रा के लिए निर्धारित थे, को रोकने के आदेश जारी किए हैं। इस कठोर कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य के वित्तीय बोझ को कम करना और जनता को वित्तीय अनुशासन का संदेश देना है।
वर्चुअल मीटिंग्स का महत्व
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया है कि शासन का कार्य बिना किसी रुकावट के चलता रहे। सभी आवश्यक अंतरराष्ट्रीय समझौतों, बैठकों और विचार-विमर्श को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा।
मंत्रियों की यात्रा रद्द
मुख्यमंत्री के आदेश का तात्कालिक असर देखने को मिला है। पर्यटन, खनन और महिला एवं बाल विकास मंत्री शंभूराज देसाई ने लंदन और पेरिस की अपनी यात्रा को रद्द कर दिया है। यह यात्रा तीन महीने पहले से एक पारिवारिक छुट्टी के रूप में निर्धारित थी, लेकिन मंत्री ने इसे रद्द करने का निर्णय लिया ताकि वे ईंधन और विदेशी मुद्रा की बचत के राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग कर सकें।
विधानसभा में भी रद्द हुए दौरे
महाराष्ट्र विधानसभा में विधायकों के जापान के लिए निर्धारित अध्ययन दौरे को भी रद्द कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इसकी पुष्टि की।
प्रधानमंत्री की अपील
यह निर्णय प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने नेताओं और अधिकारियों से अनावश्यक विदेश यात्राओं और खर्चों से बचने का आग्रह किया था। यह अपील ऐसे समय में की गई है जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और पश्चिम एशिया में चल रहे संकट ने ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को प्रभावित किया है।