महिला आरक्षण पर कांग्रेस की मांग: खड़गे ने केंद्र सरकार को दी चेतावनी
महिला आरक्षण की तत्काल आवश्यकता
बेंगलुरू में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह परिसीमन का इंतजार न करे और तुरंत 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करे। इससे पहले राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी, जिसमें उन्होंने लोकसभा की 543 सीटों में से एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की बात कही थी।
सरकार इस बीच विपक्षी दलों से महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन बिल को पास कराने के लिए समर्थन मांग रही है। खड़गे ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस की लड़ाई केवल सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए है।
कलबुर्गी में एक सभा के दौरान खड़गे ने कहा, 'सरकार को महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करना चाहिए। परिसीमन का इंतजार करने की कोई आवश्यकता नहीं है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्ष को बदनाम करने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू को भेजे गए पत्र का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विपक्षी नेताओं के पत्रों का सीधे जवाब नहीं देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम ने रीजीजू को असली अधिकार नहीं दिए हैं और उन्हें एक मध्यस्थ की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच खड़गे ने मोदी को चार पत्र लिखे थे। 19 अक्टूबर को रीजीजू ने खड़गे को पत्र लिखकर जवाब दिया और कहा कि सरकार ने विपक्ष के नेताओं से बातचीत करने का प्रयास किया है।
खड़गे ने कलबुर्गी में अपने भाषण में ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने और मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव आवश्यक हैं और संविधान यह तय नहीं करता कि केवल कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी को जीतना चाहिए।