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महिला आरक्षण पर विपक्ष का स्पष्ट रुख, परिसीमन का होगा विरोध

विपक्ष ने महिला आरक्षण के समर्थन में अपनी स्थिति स्पष्ट की है, लेकिन परिसीमन के खिलाफ खड़ा होने का निर्णय लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि यदि सरकार मौजूदा लोकसभा सीटों पर महिलाओं के लिए आरक्षण का कानून लाती है, तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा। हालांकि, परिसीमन के जरिए सीटों की संख्या बढ़ाने का विरोध किया जाएगा। जानें इस मुद्दे पर विपक्ष की बैठक में क्या निर्णय लिए गए और सरकार की योजनाएँ क्या हैं।
 

विपक्ष का समर्थन और विरोध

नई दिल्ली। विपक्ष ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने इस आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन परिसीमन के खिलाफ खड़े होने का निर्णय लिया है। विपक्षी दलों ने 15 अप्रैल को एक बैठक में यह तय किया कि यदि सरकार लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का कानून लाती है, तो वे इसका समर्थन करेंगे। हालांकि, वे परिसीमन के माध्यम से सीटों की संख्या बढ़ाने का विरोध करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बैठक के बाद विपक्ष के इस रुख की जानकारी दी।


विपक्षी दलों की इस स्थिति से सरकार के लिए चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं। सरकार 16 अप्रैल से शुरू होने वाले तीन दिवसीय सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इस बैठक में राहुल गांधी के साथ-साथ ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, राजद, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, शरद पवार की एनसीपी और आम आदमी पार्टी के नेता भी शामिल हुए।


बैठक के बाद खड़गे ने कहा, 'हम महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे राजनीतिक लाभ के लिए आगे बढ़ा रही है ताकि विपक्ष को कमजोर किया जा सके। इसलिए, हमने परिसीमन विधेयक का विरोध करने का निर्णय लिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'पूरा विपक्ष इस विधेयक के खिलाफ वोट करेगा।' उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद में तीन विधेयक पेश करने वाली है, जिनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक (संशोधन) और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।


केंद्र सरकार का प्रस्ताव है कि लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 किया जाए, जिसमें 815 सीटें राज्यों की और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी। इनमें से लगभग 280 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। विपक्षी दलों की बैठक में यह तय किया गया कि यह व्यवस्था मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों के आधार पर 2029 के चुनावों से लागू की जाएगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी विपक्षी दल परिसीमन के प्रावधानों के खिलाफ हैं और लोकसभा तथा राज्यसभा की बहस में भाग लेकर इसका विरोध करेंगे।