महिला आरक्षण पर सरकार की जल्दबाजी पर मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रतिक्रिया
सरकार का आचार संहिता का उल्लंघन
Mallikarjun Kharge, नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि सरकार महिला आरक्षण संशोधन और लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए जल्दबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र बुलाना आचार संहिता का उल्लंघन है। खड़गे ने यह टिप्पणी शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में की।
खड़गे ने बताया कि सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है, और यह जानकारी केवल प्रधानमंत्री के पत्र के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चुप रहने के बाद अब अचानक इस मुद्दे पर सक्रियता दिखाई जा रही है। इस बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, सचिन पायलट, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी जैसे कई नेता शामिल थे।
संसद का सत्र 16 से 18 अप्रैल तक
सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान संविधान संशोधन बिल लाने की योजना है। सरकार महिलाओं को 33% आरक्षण देने के साथ-साथ लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या 50% तक बढ़ाने का प्रस्ताव पेश कर सकती है। इसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है।
परिसीमन कानून में संशोधन
राज्यों की विधानसभाओं में भी इसी अनुपात में सीटों का आरक्षण लागू होगा। सरकार एक संशोधन बिल के साथ-साथ परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग साधारण बिल भी लाएगी, ताकि नए सिरे से सीटों का निर्धारण किया जा सके। नई सीटों का निर्धारण 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा सकता है। यह कानून राज्यों की विधानसभाओं और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू होगा।