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महिला आरक्षण बिल का गिरना: राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक गिर गया, जिसके बाद राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इसे संविधान और विपक्षी एकता की जीत बताया, जबकि बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन कर रही है। जानें इस मुद्दे पर क्या कहा गया और आगे की रणनीतियाँ क्या होंगी।
 

महिला आरक्षण बिल का असफल होना


नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक (131वां संशोधन) शुक्रवार को अस्वीकृत हो गया। इस विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार केवल 298 वोट ही प्राप्त कर सकी, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े। कुल 528 सांसदों ने मतदान में भाग लिया। विधेयक के अस्वीकृत होने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति उत्पन्न हो गई है।


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने विधेयक के गिरने को संविधान और विपक्षी एकता की जीत बताया। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मौजूदा लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। प्रियंका ने यह भी कहा कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण से अधिक चुनावी सीटों के पुनर्निर्धारण से संबंधित था। उन्होंने इसे लोकतंत्र की रक्षा की जीत करार दिया।




इस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखा जवाब दिया। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने देश की महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन किया है। स्मृति ने कहा कि प्रियंका गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक तरह से एहसान जताया गया। उन्होंने कांग्रेस पर महिला विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।


स्मृति ईरानी ने यह भी याद दिलाया कि ट्रिपल तलाक का मुद्दा कांग्रेस शासन में लंबे समय तक चला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति कर रही है। हिमाचल प्रदेश चुनाव का उल्लेख करते हुए विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए। पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी प्रियंका गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर वे प्रियंका पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन आज उनकी भाषा अनुचित थी।


रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, यह कहना सही नहीं है। महिलाएं कोई वस्तु नहीं हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं की आकांक्षाओं को कुचला है। रविशंकर ने कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है और यह दर्द हर महिला को याद रहेगा। उन्होंने कांग्रेस की संवैधानिक समझ पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी को संविधान की सही जानकारी होनी चाहिए। रविशंकर ने यह भी घोषणा की कि बीजेपी इस मुद्दे पर गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएगी।