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महिला आरक्षण बिल पर प्रियंका गांधी का तीखा हमला: क्या है सरकार की असली मंशा?

महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में गिरने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि यह बिल नहीं, बल्कि परिसीमन की साजिश थी। प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर यह बिल पेश किया ताकि विपक्ष को महिला विरोधी ठहराया जा सके। जानें प्रियंका गांधी के इस मुद्दे पर क्या विचार हैं और सरकार की असली मंशा क्या हो सकती है।
 

महिला आरक्षण बिल पर राजनीतिक हलचल


महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में अस्वीकृत होने के बाद देश की राजनीतिक स्थिति में उथल-पुथल मच गई है। सत्ताधारी दल विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रहा है, जबकि विपक्ष इसे सरकार की एक चाल बता रहा है। कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कल का घटनाक्रम लोकतंत्र और संविधान की जीत है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं, बल्कि परिसीमन की एक साजिश थी।


प्रियंका गांधी का सरकार पर आरोप

प्रियंका गांधी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए सरकार ने एक साजिश रची। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को पता था कि यह बिल पारित नहीं होगा। प्रियंका ने कहा, "यह महिला आरक्षण बिल की बात नहीं है, बल्कि परिसीमन की साजिश है, जिससे उन्हें अपनी मनमानी करने की पूरी स्वतंत्रता मिल जाती है। महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश मत करो।"


सरकार की साजिश का खुलासा

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि सरकार ने जानबूझकर यह बिल पेश किया। यदि यह बिल पारित हो जाता, तो मोदी सरकार महिलाओं की मसीहा बन जाती, और यदि यह अस्वीकृत होता, तो विपक्ष को महिलाओं का विरोधी बताया जाता। उन्होंने कहा, "कल लोकतंत्र की एक बड़ी जीत हुई है।"


संविधान और विपक्ष की एकता की जीत

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह संविधान की जीत है, देश की जीत है और विपक्ष की एकता की जीत है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में स्पष्ट संकेत दिए कि यदि विपक्ष इस मुद्दे पर सहमत नहीं होगा, तो न तो वे चुनाव जीत पाएंगे और न ही सत्ता में आ पाएंगे। उनका मानना है कि सरकार की साजिश का उद्देश्य सत्ता हासिल करना है, जिसके लिए महिलाओं का इस्तेमाल किया गया।


परिसीमन और जातिगत जनगणना का मुद्दा

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर विपक्ष से बिल पास कराना चाहती थी ताकि उसे मनमाने ढंग से परिसीमन करने की स्वतंत्रता मिल सके और जातिगत जनगणना का सहारा न लेना पड़े। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का मानना था कि यदि बिल पास होता है, तो यह उनकी जीत होगी, और यदि नहीं होता, तो विपक्ष को महिला विरोधी ठहराया जाएगा।


BJP का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण

प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा का महिलाओं के संदर्भ में एक स्पष्ट इतिहास है। उन्होंने उन्नाव, हाथरस, महिला खिलाड़ियों और मणिपुर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने कभी भी इन पीड़ित महिलाओं की मदद नहीं की, और आज संसद में खुद को महिलाओं का मसीहा बताना चाहती है।


सीटों की संख्या को फ्रीज रखने की आवश्यकता

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी ने परिसीमन किया, लेकिन सीटों की संख्या को फ्रीज रखा, जो देश की एकता और अखंडता के लिए आवश्यक था। उन्होंने कहा कि सरकार सीटें बढ़ाकर छोटे और दक्षिण भारतीय राज्यों की शक्ति को कम करना चाहती है। प्रियंका ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस चाहती है कि मौजूदा सीटों की संख्या बनी रहे और उसी में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।