महिला आरक्षण बिल पर संसद में गरमागरम बहस
महिला आरक्षण बिल का प्रस्तुतिकरण
महिला आरक्षण बिल : संसद के विशेष सत्र के पहले दिन महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान, महिलाओं के लिए आरक्षण कानून में संशोधन करने वाला संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया, जिसमें 251 वोट इसके पक्ष में और 185 वोट इसके विरोध में पड़े। इससे पहले, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कई सवाल उठाए।
अखिलेश यादव का सवाल
लोकसभा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा कि महिला आरक्षण बिल को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों है और जनगणना कराने में क्यों हिचकिचा रहे हैं? उन्होंने कहा, “हम महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं, लेकिन सरकार को इस पर जल्दबाजी क्यों है?” उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना कराने से जातिगत गणना की मांग उठेगी, जिससे आरक्षण की मांग भी होगी।
अमित शाह का जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जवाब देते हुए कहा, “अखिलेश यादव ने पूछा कि जनगणना क्यों नहीं कराई जा रही है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जनगणना की प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है। सरकार ने जाति जनगणना कराने का निर्णय लिया है, और यह जाति के आंकड़ों के साथ की जा रही है। अगर समाजवादी पार्टी की मर्जी होती, तो वे घरों को भी जातियों में बांट देते। धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात की, जो कि असंवैधानिक है। धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है।”