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महिला आरक्षण बिल पर सियासी बवाल: स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर हमला

महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल के गिरने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान मच गया है। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने राजनीतिक जागरूकता की आकांक्षाओं को कुचल दिया। वहीं, प्रियंका गांधी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और दोनों पक्षों के तर्क।
 

महिला आरक्षण बिल पर विवाद


नई दिल्ली: महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन (131वां संशोधन) बिल के पास न होने के कारण देश की राजनीति में हलचल मच गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कल मुस्कुराते हुए और मेजें थपथपाते हुए राजनीतिक जागरूकता की आकांक्षाओं को कुचल दिया।


गुरुवार को लोकसभा में संविधान संशोधन (131वां संशोधन) बिल गिरने के बाद भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कल का दिन लोकतंत्र के लिए एक बड़ी जीत थी। उन्होंने कहा कि सरकार की संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश नाकाम हो गई। यह संविधान और देश की जीत थी, और विपक्ष की एकता की जीत थी। प्रियंका ने यह भी कहा कि यह एक साजिश है ताकि सत्ताधारी पार्टी किसी भी तरह से सत्ता में बनी रहे।


इसके बाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "महिलाओं को बताया गया था कि कांग्रेस ने उनके राजनीतिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सपना बुना है। 98 साल बाद, उस सपने का क्या हुआ, यह कल पूरे देश की महिलाओं ने संसद में देखा। कांग्रेस ने मुस्कुराते हुए और जश्न मनाते हुए राजनीतिक जागरूकता की आकांक्षाओं को कुचल दिया। लेकिन भाजपा के लिए, यह केवल सत्ता का संघर्ष नहीं है; यह समानता के अधिकार की लड़ाई है। महिलाएं याद रखेंगी कि कांग्रेस के शासन में 11 करोड़ महिलाओं को शौचालय की सुविधा से वंचित रखा गया था।"


उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस बात का जश्न मनाया कि संघर्षरत राजनीतिक महिलाएं, जो केवल 33% अधिकारों की मांग कर रही थीं, को कैसे उनके अधिकारों से वंचित किया जाए। आज, कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह तंज कसा गया कि भाजपा में कुछ लोग खुद को 'मसीहा' साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।"


स्मृति ईरानी ने कहा, "मुझे यह सुनकर आश्चर्य हुआ कि कांग्रेस ने कहा कि वे महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हैं, जो 2023 में पास हुआ था। लेकिन कांग्रेस का दोहरा रवैया देखिए; वे कहते हैं कि उन्हें इस प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस को देश की संवैधानिक व्यवस्थाओं और महिलाओं पर कोई भरोसा नहीं है।"