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महिलाओं के अधिकारों के लिए योगी आदित्यनाथ की जन आक्रोश पदयात्रा: क्या है विपक्ष का रवैया?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का आयोजन किया, जो लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने के विरोध में थी। इस मार्च में हजारों महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सीएम योगी ने विपक्षी दलों के महिला-विरोधी रवैये की आलोचना की और कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। जानिए इस विरोध प्रदर्शन के पीछे की कहानी और भाजपा का विपक्ष पर क्या आरोप है।
 

महिला पदयात्रा का आयोजन


नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को लखनऊ में अपने सरकारी निवास से विधानसभा तक 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का नेतृत्व किया। यह मार्च लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने के विरोध में आयोजित किया गया। इस दौरान सीएम योगी के साथ कई कैबिनेट मंत्री, भाजपा के वरिष्ठ नेता और हजारों महिला कार्यकर्ता उपस्थित थीं।


सीएम योगी का बयान

सीएम योगी ने मार्च के दौरान दिया ये बयान


मार्च की शुरुआत से पहले, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि यह पदयात्रा महिलाओं के नेतृत्व में निकाली जा रही है, जो कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और DMK के महिला-विरोधी दृष्टिकोण के खिलाफ है। उन्होंने कहा, "आज आम जनता, विशेषकर महिलाओं में गुस्सा है। हजारों महिलाएं इस विरोध मार्च में शामिल होने आई हैं।"


लोकतंत्र पर सवाल

मुख्यमंत्री ने सभा में कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का दृष्टिकोण लोकतंत्र के खिलाफ है। इन दोनों दलों की सोच महिलाओं के खिलाफ है, और इसी कारण आज देश की आधी आबादी उनके महिला-विरोधी रवैये का विरोध कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते हैं कि देश में केवल चार जातियां हैं- महिलाएं, गरीब, युवा और किसान। सरकार की सभी योजनाएं और नीतियां इन्हीं चार वर्गों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।


महिला आरक्षण बिल का हाल

दो-तिहाई बहुमत से चूका था नया बिल


महिला आरक्षण कानून में संशोधन से संबंधित यह बिल लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई समर्थन प्राप्त नहीं कर सका। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और DMK जैसे प्रमुख विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ वोट दिया, जिसके परिणामस्वरूप प्रस्ताव गिर गया। भाजपा इसे महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में एक बड़ा झटका मानती है।


भाजपा का विपक्ष पर आरोप

भाजपा का विपक्ष पर आरोप


इस पूरे मामले पर भाजपा नेताओं का कहना है कि संशोधन बिल महिला आरक्षण को और मजबूत करता, लेकिन विपक्षी दलों ने राजनीतिक कारणों से इसे गिरा दिया। पदयात्रा के माध्यम से पार्टी ने यह संदेश दिया कि वह महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और संसद से सड़क तक लड़ाई जारी रखेगी। लखनऊ में इस मार्च के दौरान महिला समर्थकों ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की और आरक्षण बिल को जल्द पास कराने की मांग की।