×

महुआ मोइत्रा का विवादित बयान: गृह मंत्री के खिलाफ तीखी टिप्पणी

महुआ मोइत्रा, तृणमूल कांग्रेस की सांसद, ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकने में असफल रहते हैं, तो उनका सिर प्रधानमंत्री की मेज पर रखना चाहिए। इस बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। मोइत्रा का विवादों से पुराना नाता है, और उनके इस बयान के बाद कई लोग इसे गैर-जिम्मेदाराना मान रहे हैं। जानें इस बयान के पीछे की पूरी कहानी और इससे जुड़े अन्य विवादों के बारे में।
 

महुआ मोइत्रा का विवादास्पद बयान

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक विवादास्पद टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकने में असफल रहते हैं, तो उनका सिर प्रधानमंत्री की मेज पर रख देना चाहिए। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा दिया है। मोइत्रा पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी हैं और उनके बयान अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।
कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री पर सीधा हमला करते हुए कहा कि सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से गृह मंत्री की होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री 15 अगस्त को लाल किले से घुसपैठ के बारे में बोल रहे थे, उस समय गृह मंत्री ताली बजा रहे थे। मोइत्रा का आरोप है कि गृह मंत्रालय देश की सुरक्षा में विफल रहा है, इसलिए उन्हें यह सजा मिलनी चाहिए।


महुआ मोइत्रा का विवादों से पुराना नाता

महुआ मोइत्रा हमेशा विवादों में रहती हैं। उनके इस बयान से पहले भी उन्होंने संसद में अपशब्दों का प्रयोग, जैन समुदाय पर टिप्पणी, पूर्व चीफ जस्टिस पर टिप्पणी, मां काली पर विवाद, विधान पर बयान और कैश-फॉर-क्वेरी विवाद जैसे मुद्दों पर बयान दिए हैं। उनके इस ताजा बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, और कई लोग इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दे रहे हैं।


संसद में अपशब्द का विवाद

महुआ मोइत्रा ने 2023 में लोकसभा में सत्ता पक्ष के एक सदस्य के लिए कथित तौर पर अपशब्द का इस्तेमाल किया था, जिसके लिए बीजेपी सांसदों ने उनसे माफी मांगने की मांग की थी। मोइत्रा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जो शब्द इस्तेमाल किया, वह अरबी भाषा का है और उसका अर्थ 'पापी' होता है। उन्होंने इसे अपशब्द मानने से इनकार किया। बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने उन्हें संयमित भाषा का उपयोग करने की सलाह दी थी, लेकिन मोइत्रा ने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि वह सच को सच ही कहेंगी।