मायावती का सपा पर हमला: परिवारवाद और पूंजीपतियों का आरोप
यूपी राज्यसभा चुनाव 2026
यूपी राज्यसभा चुनाव 2026 : समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा के लिए अपने राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार के रूप में चुना है। इस पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सपा परिवारवाद और पूंजीपतियों की पार्टी बन गई है।
मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह सभी को पता है कि बी.एस.पी. किसी भी चुनाव में सपा की तरह अपने परिवार, रिश्तेदारों और बड़े पूंजीपतियों को टिकट नहीं देती। हम केवल गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबके के कर्मठ अम्बेडकरवादी लोगों को उम्मीदवार बनाते हैं। बी.एस.पी. की राजनीति परिवारवाद और धनबल से मुक्त है, जबकि सपा इसके विपरीत कार्य करती है।"
1.जैसाकि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. किसी भी छोटे-बड़े चुनाव में विरोधी पार्टियों में भी ख़ासकर समाजवादी पार्टी (सपा) की तरह अपने परिवार, सगे-सम्बंधी, भाई-भतीजों, क़रीबी रिश्ते-नातेदारों के साथ ही विशेषकर बड़े-बड़े पूँजीपतियों व धन्नासेठों आदि को टिकट नहीं देती है, यानी चुनावों…
— Mayawati (@Mayawati) October 2, 2026
उन्होंने आगे कहा, "सपा ने यूपी से राज्यसभा के लिए राम गोपाल यादव को फिर से उम्मीदवार बनाया है, जो सपा मुखिया के करीबी रिश्तेदार हैं। वहीं, धनराज परिमल नाथवानी को भी उम्मीदवार बनाया गया है, जो एक प्रसिद्ध उद्योगपति हैं। लोगों का मानना है कि सपा का तीसरा उम्मीदवार केवल दिखावे के लिए होगा। इस प्रकार, सपा को वोट तो 'पीडीए' का चाहिए, लेकिन सांसद और विधायक अपने परिवार के सदस्यों और बड़े पूंजीपतियों को बनाती है। जनता को इनके 'पीडीए' के बहकावे में नहीं आना चाहिए।"
पूर्व सीएम ने कहा, "यह कोई नई बात नहीं है। सपा का यह दोहरा चरित्र हमेशा से रहा है। इसलिए, खासकर यूपी विधानसभा चुनाव से पहले, गरीबों और बहुजन समाज को सचेत रहना चाहिए कि उनका हित केवल अम्बेडकरवादी बी.एस.पी. में सुरक्षित है। बाकी सब छलावा है।"