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मायावती ने कांशीराम की जयंती पर कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना

लखनऊ में कांशीराम की जयंती पर बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि ये दल कभी भी बहुजन समाज के हित में नहीं रहे हैं और इनसे उम्मीद करना बेकार है। मायावती ने बहुजन समाज के लोगों से बसपा आंदोलन से जुड़ने और अपने वोट की ताकत से सत्ता की चाबी हासिल करने की अपील की। उन्होंने कांशीराम के योगदान को भी याद किया और केंद्र सरकार से उन्हें भारतरत्न देने की मांग की।
 

कांशीराम की जयंती पर मायावती का बयान

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कांशीराम की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया। मायावती ने कहा कि ये राजनीतिक दल कभी भी बहुजन समाज के हित में नहीं रहे हैं। इनसे उम्मीद करना जैसे रेगिस्तान में पानी की तलाश करना है। उन्होंने इन पार्टियों के छलावे से सावधान रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बसपा प्रमुख ने मॉल एवेन्यू स्थित केंद्रीय कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बहुजन समाज के लोगों को बसपा आंदोलन से जुड़कर अंबेडकरवादी विचारधारा को अपनाना चाहिए। उन्हें अपने वोट की ताकत से सत्ता की चाबी हासिल करनी चाहिए। मायावती ने कहा कि बसपा ही डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने वाली असली पार्टी है। उन्होंने सपा और अन्य विपक्षी दलों के बीच कथनी और करनी में बड़े अंतर की बात की।

उन्होंने आगे कहा कि दलितों, पिछड़ों और मुस्लिम समुदाय का शोषण करने वाली पार्टियों में सपा का नाम प्रमुख है। ये पार्टियां चुनाव के समय ही इन वर्गों की याद करती हैं, जबकि सत्ता में आने के बाद इन्हें नजरअंदाज कर देती हैं।

मायावती ने कहा कि सपा, कांग्रेस और भाजपा जैसी पार्टियों का इतिहास यही दर्शाता है कि ये बहुजन समाज के लिए काम कम और नाम ज्यादा करती हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के सपा से अलग होने और ब्राह्मण समाज के बसपा से जुड़ने के कारण सपा की राजनीतिक स्थिति में बदलाव की बात की।

उन्होंने कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि उसने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतरत्न से सम्मानित नहीं किया। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से कांशीराम को भी भारतरत्न देने में देरी न करने की अपील की। उनका योगदान समतामूलक समाज के निर्माण में ऐतिहासिक है और वे लोगों के दिलों में बसते हैं। कांशीराम ने अपने मिशन के तहत बहुजन समाज को एकजुट कर राजनीतिक शक्ति बनाई और उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री का पद भी संभाला।