मायावती ने फिर से अपने भतीजे के ससुर को पार्टी से निकाला
मायावती का कड़ा फैसला
लखनऊ में, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को एक बार फिर पार्टी से बाहर कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब भविष्य में उन्हें पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। इस निर्णय की घोषणा रविवार को की गई, जबकि इससे पहले मायावती ने आकाश को लेकर एक चेतावनी भी जारी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनाव के लिए टिकट का निर्णय वे खुद लेंगी।
मायावती ने कहा, 'अशोक बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं सुधरे। अब इन्हें कभी पार्टी में वापस नहीं लेंगे।' इसके साथ ही, उन्होंने रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर कर दिया, जो कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लिए पार्टी के कोऑर्डिनेटर थे। यह दूसरी बार है जब मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला है।
पहले, 12 फरवरी 2025 को गुटबाजी के आरोप में उन्हें पार्टी से बाहर किया गया था, लेकिन छह महीने बाद सितंबर 2025 में उनकी वापसी हुई थी। अशोक सिद्धार्थ को तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, गुजरात, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में पार्टी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन मायावती ने हाल ही में उनसे इन राज्यों की जिम्मेदारी वापस ले ली।
सोशल मीडिया पर यह चर्चा थी कि अशोक सिद्धार्थ को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जिससे मायावती नाराज हुईं। उन्होंने लिखा, 'बार-बार चेतावनी के बावजूद अशोक सिद्धार्थ के रवैये में सुधार नहीं आया। इस कारण से उन्हें सभी जिम्मेदारियां छीन ली गई थीं।' इसके बाद, उन्होंने रामजी गौतम को फिर से पंजाब का प्रभारी बना दिया है, जो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक इस पद पर बने रहेंगे।