×

मार्क कार्नी: अमेरिका का वैश्विक वर्चस्व समाप्त, नई चुनौतियाँ सामने

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान कहा कि अमेरिका का वैश्विक वर्चस्व समाप्त हो चुका है। उन्होंने वैश्विक निर्भरता के खतरों और नए आर्थिक संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्नी ने चेतावनी दी कि शक्तिशाली देश अपने हितों के लिए आर्थिक दबाव बना रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने कनाडा को एक नई नीति अपनाने की सलाह दी, जो घरेलू क्षमताओं को मजबूत करे। इस संदर्भ में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी पर चिंता जताई।
 

दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर कनाडा के पीएम का बयान


मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका का वैश्विक वर्चस्व समाप्त हो चुका है।
दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यह स्पष्ट किया कि दुनिया अब एक नए मोड़ पर है, जहां पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आएगी।


उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार चलने वाली दुनिया की अवधारणा कभी पूरी तरह सच नहीं रही। वास्तव में, यह हमेशा से ताकत और स्वार्थों के अनुसार संचालित होती रही है। कार्नी ने स्वीकार किया कि पुराने वैश्विक ढांचे से कनाडा को लाभ हुआ, लेकिन अब यह प्रणाली स्थायी नहीं रह गई है।


वैश्विक निर्भरता के खतरे

कार्नी ने बताया कि वर्तमान में शक्तिशाली देश अपने हितों को साधने के लिए आर्थिक संबंधों का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टैरिफ का उपयोग दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है और वित्तीय प्रणाली का सहारा लेकर देशों को मजबूर किया जा रहा है। हाल के आर्थिक और राजनीतिक संकटों ने यह साबित कर दिया है कि अत्यधिक वैश्विक निर्भरता किसी भी देश के लिए खतरनाक हो सकती है।


कनाडा की नई रणनीति

कार्नी ने चेतावनी दी कि यह सोचना गलत है कि केवल पुराने गठबंधन ही सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी देते हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा को एक ऐसी नीति अपनानी चाहिए जो सिद्धांतों पर आधारित हो और व्यावहारिक भी। इसके लिए घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने और व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाने की आवश्यकता है।


वैश्विक संस्थाओं की कमजोरी

उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार संगठन और संयुक्त राष्ट्र जैसी बहुपक्षीय संस्थाएं कमजोर हो गई हैं। ऐसे में देशों को अपनी सुरक्षा, ऊर्जा और खाद्य आवश्यकताओं के लिए स्वयं को तैयार रखना होगा।


अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी

इससे पहले, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इस बैठक में कहा कि दुनिया एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है जहां अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति खतरनाक है, जहां शक्तिशाली देश अपनी मर्जी से कार्य कर रहे हैं।


अमेरिका की व्यापार नीतियों पर आरोप

मैक्रों ने अमेरिका की व्यापार नीतियों पर आरोप लगाया कि वे यूरोप को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया अस्थिर होती जा रही है, न केवल सुरक्षा के मामले में बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी।


अधिक जानकारी के लिए पढ़ें

ये भी पढ़ें: प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश