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मार्क जकरबर्ग ने पीएम मोदी के वीडियो को हटाने पर मांगी माफी

मार्क जकरबर्ग ने पीएम मोदी के वीडियो को हटाने के मामले में माफी मांगी है। उन्होंने बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री और डीपफेक कंटेंट के लिए खेद व्यक्त किया। मेटा ने स्वीकार किया कि कई गैर-कानूनी सामग्री को प्रमोट किया गया था। संसदीय समिति ने जकरबर्ग को तीन दिन का समय दिया है, अन्यथा उनकी छूट वापस ली जा सकती है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और मेटा की प्रतिक्रिया के बारे में।
 

दिल्ली में मेटा के सीईओ का माफी का बयान

दिल्ली : मार्क जकरबर्ग ने बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री (सीएसएएम), डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म संचालन में हुई गलतियों के लिए माफी मांगी है। उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि वे 'इंटरमीडियरी' की परिभाषा में नहीं आते हैं, क्योंकि वे स्वयं तय करते हैं कि कौन सा कंटेंट किसे दिखाना है। आईटी एक्ट के तहत 'सेफ हार्बर' का नियम उन पर लागू नहीं होता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने के मामले में मेटा के सीईओ ने माफी मांगी है। उन्होंने सीएसएएम और डीपफेक कंटेंट के संबंध में हुई गलतियों के लिए खेद व्यक्त किया है।


सूत्रों के अनुसार, मेटा ने स्वीकार किया है कि कई गैर-कानूनी सामग्री को प्रमोट किया गया था, और खास दर्शकों के लिए पेड प्रमोशन किया गया था। मेटा को फिर से बुलाया जा सकता है।


Joel Kaplan, Chief Global Affairs Officer at Meta, along with his team, met Ashwini Vaishnaw, Minister of Electronics and IT today. Meeting with minister lasted around half an hour. Earlier today Meta officials also met with MeitY Secretary S. Krishnan. https://t.co/kfIcMNdclk

— ANI (@ANI) August 5, 2026



मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने अपनी टीम के साथ आज इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। यह बैठक लगभग आधे घंटे तक चली। इससे पहले मेटा के अधिकारियों ने एमईआईटीवाई के सचिव एस. कृष्णन से भी मुलाकात की थी।


बुधवार को संसदीय समिति ने मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाने के लिए माफी मांगने के लिए तीन दिन का समय दिया था। समिति ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो उन्हें मिली छूट (इम्युनिटी) वापस ले ली जाएगी।

समिति ने स्पष्ट किया कि यदि उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया, तो उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है और एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। लोकसभा सचिवालय के एक निदेशक ने आईटी मंत्रालय के सचिव को लिखे पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री का वह वीडियो, जिसमें उन्होंने छात्रों और 'जेन जी' से परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बारे में बात की थी, उसे फेसबुक से पांच-छह घंटे के लिए हटाए जाने के मामले को गंभीरता से लिया गया है।

ए. ज्योतिर्मयी के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया था, "विचार-विमर्श के दौरान, समिति ने इस मुद्दे पर मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से माफी की मांग की। यदि वह यह पत्र मिलने के तीन दिनों के भीतर बिना शर्त माफी नहीं मांगते हैं, तो आईटी एक्ट की धारा 79(3) के तहत मिली सुरक्षा/छूट वापस ली जा सकती है और एक पब्लिशर के तौर पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।"

सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति, जिसके प्रमुख भाजपा सांसद निशिकांत दुबे हैं, ने उन इंटरमीडियरी प्लेटफ़ॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जो बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा मटीरियल (सीएसईएएम) और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक मटीरियल दिखाते हैं। पत्र में कहा गया, "अगर इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म अपने पोर्टल से सीएसईएएम मटीरियल हटाने में नाकाम रहते हैं, तो आईटी एक्ट की धारा 79(3) के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।"