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मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेगी

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा के लिए नामांकन रद्द हो गया है। चुनाव आयोग से राहत न मिलने के बाद, वे सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेने की योजना बना रही हैं। इस विवाद ने तेलंगाना में राजनीतिक बयानबाजी को बढ़ा दिया है, जहां कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति।
 

कांग्रेस नेता का नामांकन रद्द


मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस की नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है। चुनाव आयोग से राहत न मिलने के बाद, वे अब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की योजना बना रही हैं। इस मामले को लेकर तेलंगाना में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।


तेलंगाना में सियासी बयानबाजी

कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने बुधवार को हैदराबाद के सेंट्रल क्राइम स्टेशन में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अकाउंट्स के माध्यम से तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।


शिकायत में 'तेलुगु स्क्राइब' जैसे कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उन्होंने यह प्रचारित किया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के पीछे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की साजिश थी। सांसद ने इस मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।


सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें

किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स ने फर्जी खबरें फैलाकर मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से लोकतांत्रिक सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।


सांसद ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर ऐसे पोस्ट किए गए, जिनमें दावा किया गया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मीनाक्षी नटराजन के पुराने कानूनी मामले की जानकारी भाजपा नेताओं को गुप्त रूप से दी, जिससे उनका नामांकन रद्द हुआ।


भाजपा और बीआरएस पर आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किरण कुमार रेड्डी ने भाजपा और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों दल मिलकर कांग्रेस सरकार को घेरने की साजिश कर रहे हैं और तेलंगाना में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ केवल एक निजी शिकायत है और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत इसे 'मामला' के रूप में दर्शाने की आवश्यकता नहीं है।