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मीरा रोड जमीन विवाद में नया मोड़, निर्माण अनुमति वापस

ठाणे जिले के मीरा रोड में चल रहे जमीन विवाद में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी कंपनी, सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस ने निर्माण अनुमति वापस लेने का निर्णय लिया है। यह घटनाक्रम असगरअली वोहरा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सामने आया। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात भी कही जा रही है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे की कानूनी प्रक्रिया के बारे में।
 

नई दिल्ली में जमीन विवाद का नया घटनाक्रम


नई दिल्ली।  ठाणे जिले के मीरा रोड में चल रहे जमीन विवाद में मंगलवार को एक नया मोड़ आया। 81 वर्षीय असगरअली वोहरा से जुड़े विवादित प्लॉट के संबंध में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी कंपनी, सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस ने निर्माण की अनुमति वापस लेने का निर्णय लिया है। कंपनी ने नगर निगम को एक पत्र भेजकर अपना कमेंसमेंट सर्टिफिकेट वापस करने और निर्माण परमिट रद्द करने की मांग की।


यह घटनाक्रम वोहरा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 8 सितंबर को हुई मुलाकात के कुछ दिन बाद सामने आया है। उन्होंने पीएम से इस पुरानी समस्या में हस्तक्षेप करने और सीबीआई जांच की मांग की थी। दोनों के बीच गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़ने का दावा भी किया गया है।


मंत्रालय में बैठक, दोनों पक्ष आमने-सामने


इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रीकर परदेशी ने मंत्रालय में एक बैठक बुलाई। इस बैठक में असगरअली वोहरा, नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर नगर निगम आयुक्त राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे शामिल हुए।


बैठक के बाद, सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस ने नगर निगम के असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ टाउन प्लानिंग को एक पत्र भेजा। कंपनी का कहना है कि उसने 13 जून 2019 को रजिस्टर्ड डीड के माध्यम से जमीन खरीदी थी और 17 अप्रैल 2026 को वहां निर्माण की अनुमति प्राप्त की थी। लेकिन जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद के कारण कंपनी ने परमिट वापस लेने का निर्णय लिया। कंपनी ने जमा की गई फीस लौटाने की भी मांग की है।


15 साल से चल रहा है विवाद


वोहरा का कहना है कि वह पिछले 15 वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों के सामने इस जमीन के संबंध में शिकायतें कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना जमीन से जुड़े दस्तावेज तैयार किए गए और संपत्ति को दो हिस्सों में दिखाकर अलग-अलग निर्माण कंपनियों के कब्जे में बताया गया। इस विवाद में उन्होंने स्वयम बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस का नाम लिया है। सेवन इलेवन का संबंध नरेंद्र मेहता से है। इस मामले में 2015 में पुलिस केस भी दर्ज हुआ था और विवाद अब भी कानूनी प्रक्रिया में है।


मेहता ने पुरानी शिकायत वापस लेने की इच्छा जताई


नरेंद्र मेहता ने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर असगरअली वोहरा और उनके सहयोगी अजय ढोका के खिलाफ पहले दी गई शिकायत वापस लेने की इच्छा जताई है। मेहता के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। 2015 में दर्ज शिकायत में वोहरा और ढोका पर अतिक्रमण और धमकी जैसे आरोप लगाए गए थे। अब शिकायत वापस लेने से संबंधित पत्र अधिकारियों को सौंपे गए हैं। नगर निगम ने इस मामले में संबंधित कंपनियों को 16 सितंबर को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। फिलहाल, जमीन के मालिकाना हक और पुराने आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।