मुख्यमंत्री धामी ने श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में संतों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री का संत सम्मेलन में अभिवादन
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में भाग लेते हुए पूज्य संतों का स्वागत किया और आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह मानवता को आध्यात्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का एक साधन है। उन्होंने संत समाज को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र चेतना का संरक्षक बताते हुए कहा कि संतों और मनीषियों ने समाज को मार्गदर्शन देने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण में संतों का योगदान अद्वितीय है।
रायवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में पूज्य संत-महात्माओं का सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।
सनातन परंपरा के संरक्षण और समाज को सही दिशा देने में संत समाज की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है। उनके मार्गदर्शन में हमारी… pic.twitter.com/EIjhMKKXyL
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 22, 2026
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युग में प्रवेश कर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक धरोहर को नई ऊर्जा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। इसी दिशा में धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता और भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं। उन्होंने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की घोषणा की, जहां भारतीय दर्शन और संस्कृति पर उच्च स्तरीय अध्ययन किया जाएगा। हरिद्वार में प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिचेतानंद महाराज का आभार व्यक्त करते हुए संत समाज से राज्य और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन और आशीर्वाद देने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प पूरा होगा।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रदीप बत्रा, संतगण और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।