मुख्यमंत्री ने बागेश्वर में बाल विज्ञान महोत्सव का उद्घाटन किया
बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बागेश्वर के मंडलसेरा में विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) द्वारा आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का उद्घाटन किया। इस दो दिवसीय महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव और संबंधित कार्यक्रमों के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने राज्य की STEM लैब्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ने और सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की योजना का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही, उन्होंने सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने का भी आश्वासन दिया।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान ने देश में तकनीकी विकास और नवाचार को नई गति दी है। इसी दिशा में उत्तराखण्ड में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, कोडिंग, मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को… pic.twitter.com/FlsUyyz4Tk
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 9, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने महोत्सव में भाग ले रहे बाल वैज्ञानिकों से बातचीत की और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई में रुचि रखने, नए विचारों पर काम करने और सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक भविष्य में देश के प्रमुख वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित इस प्रकार के विज्ञान महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा को उजागर करने के साथ-साथ उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मकता को विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा में आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर देते हुए रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को शिक्षा से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के माध्यम से प्रदेश में नवाचार और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से प्रयास कर रही है। महोत्सव के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, और अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।