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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा में की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए ब्रज क्षेत्र के विकास का आश्वासन दिया। योगी ने पूर्व सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सरकार भगवान राम और कृष्ण में विश्वास करती है। जानें उनके संबोधन के प्रमुख बिंदु और ब्रजवासियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता।
 

मुख्यमंत्री का मथुरा दौरा


मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान जाकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की और आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने लगभग 30 मिनट तक जन्मस्थान परिसर में बिताए और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान, उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी भावनाओं के अनुरूप पूरे ब्रज क्षेत्र को विकसित करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।



सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मानते हैं कि वे अविजित हैं, वे अब समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि योग माया के प्रति हमारी आस्था ने विंध्यवासिनी धाम को भव्य रूप दिया है। श्री अयोध्या धाम में दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर बन गया है। हमारा लक्ष्य है कि मथुरा-वृंदावन में भी ऐसे ही भव्य परिसर बनाए जाएं।


सीएम ने आश्वासन दिया कि डबल इंजन सरकार आपके साथ मिलकर ब्रज भूमि को विकसित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि मथुरा, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन और वृंदावन सभी स्थानों को आपकी भावनाओं के अनुसार विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सरकार भगवान राम, कृष्ण कन्हैया, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है, जबकि पूर्व की सरकारें बाबर और औरंगजेब में आस्था रखती थीं।


योगी ने कहा कि हम सभी का सम्मान करते हैं, विशेषकर सनातन का। बृजवासियों को सम्मान देने के लिए मैं हर जन्माष्टमी पर मथुरा आता हूं। पिछली सरकारें यहां आने से डरती थीं कि कहीं उनका वोट बैंक प्रभावित न हो जाए। यही कारण था कि उनके समय में जवाहर बाग कांड जैसी घटनाएं हुईं। अब ब्रज में ऐसे कांड नहीं होते, बल्कि रंगोत्सव और ब्रजराज उत्सव मनाए जाते हैं। यह एक नए विश्वास और प्रेरणा की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का संदेश है कि हमें कर्तव्य पथ पर चलना चाहिए और देश को विकसित भारत बनाना चाहिए।