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मुख्यमंत्री सैनी का विपक्ष पर हमला, हरियाणा विधानसभा सत्र पर उठे सवाल

हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के बाद, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कांग्रेस पर महिलाओं और कर्मचारियों के मुद्दों से किनारा करने का आरोप लगाया। सैनी ने सत्र को असंवैधानिक बताने वाले विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और कहा कि यह विधिवत रूप से बुलाया गया था। इस सत्र में महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को सरल बनाया गया। सैनी ने नारी शक्ति वंदन विधेयक का भी जिक्र किया, जिसमें महिलाओं को आरक्षण देने की बात की गई।
 

हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के बाद, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं और कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों से मुंह मोड़ लिया है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सैनी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के उस आरोप को खारिज किया, जिसमें सत्र को असंवैधानिक बताया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सत्र मंत्रिमंडल की स्वीकृति और राज्यपाल की अनुमति से विधिवत रूप से बुलाया गया था। आचार संहिता के बावजूद सत्र पर उठाए गए सवालों को भी उन्होंने निराधार बताया। इस सत्र में “हरियाणा लिपिक सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें) विधेयक, 2026” को सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसके तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को सरल बनाया गया और लिपिकीय पदों पर प्रमोशन कोटा 20 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव तो पेश किया, लेकिन खुद सदन से अनुपस्थित रहा। उन्होंने कांग्रेस पर विधानसभा के बाहर समानांतर सत्र चलाने का आरोप लगाते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि विधेयक की प्रति न मिलने का बहाना बनाया गया, जबकि सभी जानकारी नेवा पोर्टल पर उपलब्ध थी।


उन्होंने नारी शक्ति वंदन विधेयक का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को 2029 से 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब को लेकर भी मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसने झूठे वादों से जनता को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भाजपा सरकार बनने पर नशा तस्करी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।