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मुरादाबाद महापौर पर भाजपा पार्षदों का गंभीर आरोप, शिकायत पत्र भेजा गया

मुरादाबाद के महापौर विनोद अग्रवाल पर भाजपा पार्षदों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने महापौर के अपमानजनक व्यवहार और भाषा के खिलाफ शिकायत की है। पार्षदों का कहना है कि महापौर के इस व्यवहार के कारण महिला पार्षदों को कार्यालय आने में संकोच होता है। इस मामले में जांच की मांग की गई है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

महापौर के खिलाफ भाजपा पार्षदों की शिकायत


लखनऊ। मुरादाबाद के महापौर के व्यवहार से परेशान भाजपा के पार्षदों ने यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में पार्षदों ने महापौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि महापौर उन्हें परेशान करते हैं और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे महिला पार्षदों को कार्यालय आने में संकोच होता है। यह शिकायत पार्षद/उपसभापति शैलेंद्र कुमार के लेटर पैड पर की गई है, जिसमें कई पार्षदों ने हस्ताक्षर किए हैं।


भाजपा पार्षदों ने प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया है कि नगर निगम मुरादाबाद के महापौर विनोद अग्रवाल द्वारा भाजपा पार्षदों के साथ अभद्र व्यवहार और अमर्यादित भाषा का प्रयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर निगम के कैंप कार्यालय में बैठकों के दौरान महापौर द्वारा पार्षदों के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया जाता है। यहां तक कि महिला पार्षदों की उपस्थिति में भी असंसदीय और अनुचित भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिससे वे कार्यालय आने में संकोच करती हैं।



 


12 जून को नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें पार्षद प्रशांत कुमार जाटव निजी कारणों से उपस्थित नहीं हो सके। 14 जून को जब पार्षद राहुल देव वरूण, तुषार सिंह जाटव, विशाल सिंह गोलू और भाजपा मंडल अध्यक्ष गजेन्द्र लोधी बैठक में मौजूद थे, तब महापौर ने प्रशांत कुमार जाटव के बारे में अत्यंत अनुचित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।


आरोप है कि महापौर ने धमकी देते हुए कहा कि, 'तेरे वार्ड में रेलवे लाइन है वही पड़ा मिलेगा।' यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी महापौर के व्यवहार को लेकर कई पार्षदों ने क्षेत्रीय अध्यक्ष को शिकायत पत्र भेजे हैं। इसके बावजूद उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ है। पार्षदों ने इस मामले की जांच कराने की मांग की है और कहा है कि भाजपा संगठन एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमा बनी रहे, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।