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मेरठ में पिता ने बेटी के शव के साथ बिताए महीनों, मामला चौंकाने वाला

मेरठ के तेली मोहल्ले में एक 76 वर्षीय पिता ने अपनी 35 वर्षीय बेटी की मृत्यु के बाद कई महीनों तक उसके शव के साथ बिताए। यह मामला तब उजागर हुआ जब रिश्तेदारों ने तेज दुर्गंध के कारण पुलिस को सूचित किया। पिता ने बेटी की बीमारी के कारण मृत्यु की बात कही, लेकिन शव को छिपाने के कारण पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। जानें इस चौंकाने वाली घटना के बारे में और क्या खुलासा हुआ।
 

चौंकाने वाला मामला मेरठ से

मेरठ: मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 76 वर्षीय पिता ने अपनी 35 वर्षीय बेटी की मृत्यु के बाद कई महीनों तक उसके शव के साथ एक ही घर में बिताए। यह मामला तब उजागर हुआ जब रिश्तेदार अचानक घर पहुंचे और अंदर से आ रही तेज दुर्गंध के कारण पुलिस को सूचित किया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो घर का दृश्य बेहद असामान्य था। एक कमरे में महिला का शव पड़ा था, जो काफी समय से पड़ा होने के कारण अत्यंत खराब स्थिति में था। घर के अंदर कूड़े का ढेर लगा हुआ था और पूरे वातावरण में असहनीय बदबू फैली हुई थी। इस दृश्य ने पुलिस और आसपास के लोगों को भी चौंका दिया।


परिवार की पृष्ठभूमि और घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, उदय भानु बिस्वास (76) मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वे मेरठ में अपनी बेटी प्रियंका बिस्वास (35) के साथ रहते थे, जो एक प्राइवेट टीचर थीं। परिवार पहले से ही निजी दुखों का सामना कर रहा था, क्योंकि 13 साल पहले उदय भानु की पत्नी का निधन हो गया था। इसके बाद पिता और बेटी एक-दूसरे के सहारे थे। पड़ोसियों के अनुसार, उदय भानु का सामाजिक संपर्क सीमित था और उन्होंने अपनी बेटी को भी सीमित दायरे में रखा।


प्रियंका की मृत्यु और उसके बाद की स्थिति

पुलिस जांच में पता चला है कि प्रियंका की मृत्यु 1 दिसंबर 2025 के आसपास बीमारी के कारण हुई थी। पिता ने बताया कि उनकी बेटी गंभीर बीमारी से ग्रसित थी और उन्होंने उसका इलाज कराया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने इस घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। प्रारंभिक दिनों में वे घर में ही रहे और स्थिति को छिपाने की कोशिश करते रहे। बाद में वे कुछ समय के लिए बाहर भी गए, लेकिन किसी को शक नहीं होने दिया।


रिश्तेदारों की चिंता और खुलासा

प्रियंका और उसके पिता के बीच लंबे समय तक संपर्क न होने पर रिश्तेदारों को शक हुआ। जब उन्होंने फोन पर संपर्क किया, तो पिता ने टालमटोल जवाब दिए और कहा कि वे बाहर हैं और बेटी का इलाज चल रहा है। शुक्रवार को कुछ रिश्तेदार जब सीधे घर पहुंचे, तो तेज दुर्गंध ने उन्हें चौंका दिया। घर के अंदर जाकर देखा तो एक कमरे में महिला का शव पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया।


पिता की हिरासत और जांच की प्रक्रिया

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही, पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला बीमारी से मौत का प्रतीत होता है, लेकिन शव को लंबे समय तक घर में रखने और जानकारी छिपाने के कारण मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों की पुष्टि हो पाएगी।


इलाके में सनसनी और सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग इस बात से हैरान हैं कि इतने लंबे समय तक घर में यह सब होता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। यह मामला न केवल आपराधिक जांच का विषय है, बल्कि मानसिक और सामाजिक पहलुओं पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है—क्या पिता सदमे में था, या कोई और कारण था, इसकी जांच अब पुलिस कर रही है।