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मैथिली ठाकुर की लग्जरी कार पर विवाद: कंगना रनौत ने किया समर्थन

बिहार की युवा विधायक मैथिली ठाकुर की लग्जरी कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्हें हाल ही में एक रोल्स-रॉयस में देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग शुरू हुई। इस पर कंगना रनौत ने मैथिली का समर्थन करते हुए ट्रोल्स को जवाब दिया। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और मैथिली की राजनीतिक पृष्ठभूमि के बारे में।
 

लग्जरी कार विवाद


बिहार की युवा विधायक मैथिली ठाकुर इन दिनों एक लग्जरी कार के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में उन्हें मुंबई में एक रोल्स-रॉयस कार में देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उन पर सवाल उठाए। इस पर अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने मैथिली का समर्थन करते हुए ट्रोल्स को जवाब दिया।


कंगना ने कहा, "हमें जनता के पैसे में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन यह उम्मीद करना कि हम हमेशा गरीब और बेजान जिंदगी जिएं, बेतुका है।" उन्होंने आगे लिखा, "कुछ लोगों को यह बुरा लगता है जब वे राजनेताओं को अच्छी जिंदगी जीते हुए देखते हैं। हमारे युवा विधायक को लग्जरी कार के लिए ट्रोल किया जा रहा है, लेकिन हमें अपने करियर और लोकप्रियता का भी ध्यान रखना चाहिए।"



यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर मैथिली ठाकुर की रोल्स-रॉयस में तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए। कुछ पोस्ट में कार की कीमत लगभग 13 करोड़ रुपये बताई गई। हालांकि, कार के स्वामित्व के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, मैथिली की टीम ने कहा कि यह कार उनकी नहीं है।


Bihar MLA Maithili Thakur, who declared a Honda Activa and ₹3 net worth in her election affidavit, arrived in a ₹13 crore Rolls Royce. Ownership remains unconfirmed. https://t.co/QxgulIqrzq

Indian Gems (@IndianGems_) September 20, 2026



2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में मैथिली ने अपनी कुल संपत्ति लगभग 3.82 करोड़ रुपये घोषित की थी। उनके हलफनामे में पेशा सिंगर बताया गया है।


26 साल की उम्र में मैथिली ठाकुर ने 2025 में अलीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। चुनावी राजनीति में आने से पहले वह लोक और पारंपरिक संगीत में अपनी पहचान बना चुकी थीं।


हालांकि, रोल्स-रॉयस को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है, लेकिन मैथिली की टीम ने कार के स्वामित्व से इनकार कर दिया है। अब विवाद का केंद्र जनप्रतिनिधियों की निजी जिंदगी और सार्वजनिक छवि पर उठ रहे सवाल बन गया है।