मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल: क्या 17 नए चेहरे लाएंगे बदलाव?
नई दिल्ली में कैबिनेट में बदलाव की चर्चा
नई दिल्ली: बीजेपी संगठन में नई टीम के गठन के बाद मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में बड़े पैमाने पर ओवरहॉलिंग हो सकती है। कई दिग्गजों की छुट्टी और 16 से 17 नए युवा चेहरों की एंट्री की अटकलें हैं। इस फेरबदल में 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के समीकरणों को ध्यान में रखा जाएगा।
कैबिनेट में दिग्गजों की छुट्टी की संभावना
आजतक रेडियो के पॉडकास्ट 'रिपोर्टर्स ऑफ एयर' में कैबिनेट विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। ऐश्वर्या पालीवाल ने बताया कि किसे एंट्री मिलनी है, इसका पता तब चलता है जब पीएम मोदी चाय पर बुलाते हैं। इस बार मंत्रियों के परफॉर्मेंस पर मंथन हो रहा है।
पीएम मोदी ने पिछली कैबिनेट मीटिंग में स्पष्ट कहा था कि मंत्री ग्राउंड पर काम करें। बीजेपी जानती है कि ग्राउंड कनेक्ट कम हो रहा है और नई टीम के साथ 2027 के चुनाव में जाना है। यूपी और पंजाब के चुनाव आसान नहीं हैं।
टॉप मंत्रालयों में बदलाव की संभावना
ऐश्वर्या के मुताबिक टॉप फाइव मंत्रालयों में भी बदलाव दिख सकता है। यह काम खराब होने से नहीं, बल्कि किसी और को मौका देने के लिए होगा। फिलहाल कैबिनेट में 69 मंत्री हैं जबकि अधिकतम 81 हो सकते हैं, यानी 12 पद खाली हैं।
14 मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालय हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जो Gen-Z से जुड़ा बड़ा मंत्रालय है। ऐसे में विभागों का बंटवारा होगा।
वैष्णव का प्रमोशन और गडकरी का मंत्रालय परिवर्तन?
चर्चा है कि अश्विनी वैष्णव को प्रमोशन मिल सकता है। राहुल गौतम और संजय शर्मा ने कहा कि वैष्णव के पास रेलवे, आईटी और सूचना प्रसारण जैसे तीन बड़े मंत्रालय हैं और उनका काम अच्छा रहा है, इसलिए उन्हें टॉप फाइव में लाया जा सकता है।
वहीं नितिन गडकरी को लेकर कहा जा रहा है कि उनकी छुट्टी नहीं, बल्कि मंत्रालय बदला जा सकता है। NEET और E-20 पेट्रोल विवाद के बाद उनकी हैवी मिनिस्ट्री में फेरबदल की चर्चा है। गडकरी खुद इंटरव्यू में E-20 पर बयान देते रहे हैं।
17 नए चेहरों की एंट्री, सितंबर में विस्तार की संभावना
पीयूष मिश्रा के मुताबिक विस्तार सितंबर-अक्टूबर में हो सकता है, जन्माष्टमी के आसपास। 15 से 17 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिनमें राज्यसभा से आने वाले चेहरे ज्यादा होंगे। सहयोगी दलों को भी जगह मिल सकती है।
राहुल गौतम ने कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष इस पर नजर रख रहा है कि महिलाओं, Gen-Z, युवाओं और चुनावी राज्यों यूपी, पंजाब, गोवा को कितना प्रतिनिधित्व मिलता है। मोदी सरकार शाइनिंग इंडिया जैसी गलती नहीं दोहराना चाहती और कांग्रेस की तरह देर नहीं करना चाहती।