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मोदी सरकार का नया गजट नोटिफिकेशन: UPI लेनदेन पर चार्ज लगाने की संभावना

केंद्र सरकार ने 14 सितंबर 2026 को UPI लेनदेन से संबंधित एक नया गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें ₹2,000 तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं होगा। हालांकि, ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगाने की संभावना जताई जा रही है। राहुल गांधी ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

UPI लेनदेन पर नया गजट नोटिफिकेशन

UPI लेनदेन पर सरकार का निर्णय: केंद्र सरकार ने 14 सितंबर 2026 को यूपीआई से संबंधित एक नया गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार, ₹2,000 तक के UPI लेनदेन और किसी भी राशि के RuPay डेबिट कार्ड लेनदेन पर बैंक और भुगतान प्रणाली प्रदाता कोई शुल्क नहीं ले सकते। हालांकि, इस निर्णय के बाद ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगाने की संभावना जताई जा रही है, जिस पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार को घेरा है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, 'मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है। अब ₹2,000 से अधिक के व्यापारी UPI लेनदेन पर MDR लगाया जा सकता है। भले ही इन लेनदेन की संख्या केवल 5% हो, लेकिन UPI के कुल लेनदेन मूल्य का लगभग 65% इन्हीं में है।' उन्होंने आगे कहा, 'सरकार का कहना है कि ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन दुकानदार पर लगने वाला शुल्क आखिरकार ग्राहक की जेब से ही आएगा। अमेरिकी भुगतान कंपनियां लंबे समय से भारत की शून्य-MDR नीति का विरोध कर रही हैं। अब मोदी सरकार ने उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है।'


मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।

अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।

सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं…

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 15, 2026

मोदी सरकार द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, ₹2,000 तक के UPI लेनदेन और किसी भी राशि के RuPay डेबिट कार्ड लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। RuPay डेबिट कार्ड के लिए, लेनदेन की राशि चाहे कितनी भी हो, MDR 0% रहेगा। इसके साथ ही, ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन को पहले वाली कानूनी सुरक्षा से बाहर कर दिया गया है। इसका मतलब है कि भविष्य में ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर MDR फ्रेमवर्क के तहत शुल्क लगाया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक कोई निश्चित दर तय नहीं की है।