मोहम्मद शमी की पत्नी का चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान
शमी के चुनावी राजनीति में कदम रखने की चर्चा
अमरोहा - क्रिकेटर मोहम्मद शमी के चुनावी राजनीति में शामिल होने की अटकलों के बीच, उनकी पत्नी हसीन जहां ने कहा है कि यदि शमी या उनके बड़े भाई मोहम्मद हसीब चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो वह भी चुनाव लड़ेंगी। उनका उद्देश्य चुनाव जीतना नहीं, बल्कि शमी और उनके परिवार के धन के अहंकार को चुनौती देना है।
शमी की रालोद प्रमुख से मुलाकात
हाल ही में, शमी ने दिल्ली में राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रमुख जयंत चौधरी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं, जिसके बाद शमी के रालोद में शामिल होने और अमरोहा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गईं। चर्चा यह भी है कि शमी के बड़े भाई हसीब चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
हसीन जहां के आरोप
हसीन जहां ने आरोप लगाया कि शमी के परिवार के खिलाफ चल रहे विवादों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीति में आने की चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि शमी या हसीब चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो वह भी उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगी। हसीन ने शमी और उनके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बेटी के खर्च को लेकर चिंता
हसीन ने यह भी कहा कि पिछले एक महीने से शमी ने उनकी बेटी बेबो के खर्च के लिए पैसे नहीं दिए हैं। स्कूल, ट्यूशन और अन्य आवश्यक खर्चों को उठाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी के भविष्य के लिए हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।
दिल्ली में रहने का निर्णय
हसीन जहां ने बताया कि अब वह पश्चिम बंगाल के बजाय अमरोहा के नजदीक दिल्ली में रह रही हैं। उनका उद्देश्य बेटी की बेहतर शिक्षा और शमी के साथ चल रहे विवाद में अपने और बेटी के अधिकारों की रक्षा करना है।
शमी और हसीन के बीच विवाद
मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच 2018 से विवाद चल रहा है। हसीन समय-समय पर शमी पर गंभीर आरोप लगाती रही हैं, जबकि शमी ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। वह सोशल मीडिया पर अपनी बेटी से जुड़ी पोस्ट साझा करते रहे हैं।
हसीब का चुनावी इरादा
शमी के बड़े भाई मोहम्मद हसीब अहमद ने कहा कि परिवार के किसी सदस्य के चुनाव लड़ने का निर्णय सभी से चर्चा के बाद ही होगा। फिलहाल, न तो शमी और न ही उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा है। उन्होंने कहा कि शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि पारिवारिक कारणों से हुई थी।