यमन में हूतियों का सऊदी अरब पर हमला, स्थिति गंभीर
यमन की सरकार पर हमला, स्थिति चिंताजनक
सऊदी अरब के साथ-साथ हूतियों ने यमन की सरकार पर एक गंभीर हमला किया है। मिसाइलों और हवाई हमलों के बीच यमन की जनता एक कठिन स्थिति का सामना कर रही है, जहां एक ओर हूती विद्रोही हैं और दूसरी ओर सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन। ईरान समर्थित हूतियों ने हाल ही में यमन की अंतरिम राजधानी अदन में अल-मआशिक राष्ट्रपति परिसर पर कई मिसाइलें दागकर पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। इस हमले में पांच लोगों की जान चली गई और 16 अन्य घायल हुए, जबकि प्रधानमंत्री शाया अल-जिंदानी बाल-बाल बच गए। उनके दो अंगरक्षकों की मौत ने इस हमले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। यह हमला यमन के संघर्ष को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ले आया है, जहां आम जनता के लिए केवल तबाही और असुरक्षा का माहौल है।
सत्ता के केंद्र पर सीधा हमला
यह हमला केवल एक सामान्य सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के सत्ता केंद्र को सीधे निशाना बनाने वाला है। परिसर में सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का सैन्य कमान केंद्र भी स्थित है। यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-इरयानी ने कहा कि हूतियों ने महल को निशाना बनाने के लिए पांच मिसाइलें दागीं। हमले के बाद परिसर के आस-पास धुआं उठता देखा गया। अधिकारियों ने इसे प्रधानमंत्री की हत्या की कोशिश करार दिया, हालांकि प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षित रहे।
हूतियों की खुली चुनौती
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने इस हमले का बचाव करते हुए कहा कि निशाना बनाया गया भवन सऊदी सैन्य अभियान केंद्र के रूप में कार्य कर रहा था। उन्होंने चेतावनी दी कि यमन में सक्रिय सऊदी सैन्य और आर्थिक ठिकाने आगे भी हूतियों के निशाने पर रहेंगे। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री अल-जिंदानी ने इस हमले को 'कायरतापूर्ण' बताते हुए आरोप लगाया कि हूती देश की वैध सरकार को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी बलों द्वारा सैन्य अभियान जारी रखने का संकल्प लिया।
सऊदी अरब में हमलों की बढ़ती संख्या
अदन पर हमले से पहले, सऊदी अरब में भी कई हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का दावा है कि रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले 11 दिनों में कम से कम 20 हूती हमले हुए हैं। इन हमलों में 17 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोग घायल होने का दावा किया गया है। गठबंधन ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और तीन ड्रोन को निष्क्रिय करने की जानकारी दी। हालांकि, हूती प्रवक्ता ने इन दावों को झूठा बताया है।
यमनी सशस्त्र बलों की जवाबी कार्रवाई
यमनी सशस्त्र बलों ने हूतियों के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई को बड़े पैमाने पर जारी रखने का दावा किया है। सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुजैली के अनुसार, हाल में शुरू किए गए सैन्य अभियान के तहत 24 घंटे में 1,250 से अधिक सटीक हमले किए गए। इनमें लड़ाकू विमान, ड्रोन, और अन्य सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। सेना ने लगभग 700 हूती लड़ाकों को निष्क्रिय करने का दावा किया है।
क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
सऊदी अरब लंबे समय से ईरान पर हूतियों को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हूतियों के हमलों की निंदा की है और सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की है। क्षेत्रीय तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। यमन में सत्ता की लड़ाई और सऊदी अरब पर हमले, ईरान की भूमिका और लाल सागर के समुद्री रास्तों पर खतरा मिलकर पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर रहे हैं।