यूपी चुनाव 2027: सपा कार्यकर्ताओं का हजरतगंज में प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी
हजरतगंज में सपा का उग्र प्रदर्शन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनावों की तैयारी के चलते मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर विवाद अब सड़कों पर भी बढ़ता नजर आ रहा है। लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान एक दृश्य ऐसा देखने को मिला, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
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हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन. प्रदर्शनकारी को गोद में लेकर भागी पुलिस.#samajwadipartyofficial https://t.co/JmApMTvEHH
— Martand Singh (@MartandMs) November 1, 2026
जब भारी पुलिस बल प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पहुंचा, तब एक छोटे कद के अधेड़ कार्यकर्ता ने सभी का ध्यान खींचा। वह जोर से चिल्ला रहा था, 'लोकतंत्र की हत्या है, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो!' उसके हाथ में एक बड़ा पोस्टर था, जिस पर लिखा था: 'गुस्से में है सारा देश, इस्तीफा दे दो ज्ञानेश!'
जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया, तो एक दारोगा ने उस कार्यकर्ता को गोद में उठाकर बस की ओर दौड़ना शुरू किया। गोद में उठाए जाने के बावजूद, वह लगातार नारे लगाता रहा।
दिल्ली से लखनऊ तक का प्रदर्शन
यह प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ, बल्कि यह विपक्षी दलों के राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अभियान का हिस्सा है। रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों के खिलाफ 'संविधान और लोकतंत्र बचाओ' महारैली का आयोजन किया था।
2027 के चुनावों के लिए राजनीतिक माहौल गर्म
दिल्ली में उठाए गए मुद्दों को अब सपा कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश के हर जिले में ले जाने की योजना बना रहे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप है कि चुनाव प्रशासन की मिलीभगत से मतदाता सूचियों में हेरफेर हो रहा है। प्रदर्शनकारी यह स्पष्ट कर रहे हैं कि जब तक चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं आती और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि सपा अपनी हार के डर से अनर्गल आरोप लगा रही है।