यूपी मंत्री असीम अरुण की नाराजगी: कन्नौज कार्यक्रम में देरी पर उठाया सवाल
कन्नौज में कार्यक्रम में देरी पर मंत्री की प्रतिक्रिया
मंत्री असीम अरुण का पत्र कन्नौज डीएम को: कन्नौज में एक कार्यक्रम में देर से पहुंचने के कारण यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। बताया जा रहा है कि समाज कल्याण मंत्री ने अधिकारियों का इंतजार किया, लेकिन जब वे नहीं आए, तो उन्होंने कार्यक्रम छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को एक पत्र लिखकर अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश सरकार के 9 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक विभाग द्वारा रोमा स्मारक में गुरुवार शाम 5:30 बजे 'डिस्कवर योर रूट्स' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री असीम अरुण अपनी पत्नी ज्योत्सना के साथ 5:15 बजे पहुंचे, लेकिन वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, भाजयुमो जिलाध्यक्ष अभिमन्यु ठाकुर और अन्य नेता भी उपस्थित थे।
मंत्री असीम अरुण और भाजपा के अन्य पदाधिकारियों ने लगभग 45 मिनट तक अधिकारियों का इंतजार किया, लेकिन जब कोई नहीं आया, तो वे नाराज होकर कार्यक्रम स्थल से चले गए। इसके 10 मिनट बाद कन्नौज डीएम, एसपी और अन्य अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां उन्हें मंत्री के जाने की जानकारी मिली।
इस घटना के बाद, मंत्री असीम अरुण ने देर रात डीएम को एक पत्र लिखा। उन्होंने पत्र में कहा, "मैं अत्यंत खेद के साथ आपका ध्यान रोमा स्मारक पर आज आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। मुझे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शाम 5:30 बजे आमंत्रित किया गया था। एक अनुशासित नागरिक होने के नाते, मैं नियत समय पर वहां पहुंचा, लेकिन वहां का अनुभव शिष्टाचार और समय की पाबंदी के बिल्कुल विपरीत रहा। मुख्य आयोजक, सुश्री वैशाली (एस.डी.एम.), मेरे पहुंचने के लगभग 15 मिनट बाद आईं, जिसके बाद ए.डी.एम. का आगमन हुआ।"
मंत्री ने आगे लिखा, "मैंने लगभग 45 मिनट तक कार्यक्रम शुरू होने का इंतजार किया। इस दौरान मंच से यह घोषणा होती रही कि कार्यक्रम आपके आगमन के उपरांत शुरू होगा। आप सहमत होंगे कि यह स्थिति मेरे लिए असहज हो गई। यह भी किसी को ज्ञात नहीं था कि आप कब तक आएंगे। अतः मेरे पास प्रस्थान करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचा। एक लोक सेवक के रूप में, हमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो समय की पाबंदी और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं।"
असीम अरुण ने पत्र में यह भी लिखा, "आपसे अपेक्षा है कि भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि आपके और आपकी टीम द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में समय की गरिमा बनी रहे। अनुशासन ही प्रशासन की नींव है, और मैं अपनी टीम से भी उसी समयबद्धता की उम्मीद रखता हूं, जिसका मैं स्वयं पालन करता हूं।"