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यूपी विधानसभा का मानसून सत्र: समाजवादी पार्टी के हंगामे के बीच स्थगित

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र समाजवादी पार्टी के हंगामे के कारण एक दिन पहले स्थगित कर दिया गया। स्पीकर सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने सदन में चर्चा को बाधित किया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और सपा के विधायकों के हंगामे के कारण क्या हुआ।
 

सदन की कार्यवाही का स्थगन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र समाजवादी पार्टी के जोरदार हंगामे के कारण एक दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया। स्पीकर सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। पहले यह सत्र छह अगस्त तक चलने वाला था। इस अचानक स्थगन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उन्होंने सदन में चर्चा को बाधित किया। उन्होंने कहा कि 59000 करोड़ के अनुपूरक बजट से सभी वर्गों के लिए धन की व्यवस्था की गई है, लेकिन सपा नहीं चाहती थी कि सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाए। इसके बावजूद, अनुपूरक बजट को पारित किया गया है।


हंगामे का कारण

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राम मंदिर चढ़ावे की चोरी और अपने विधायक के निलंबन के खिलाफ सपा विधायकों ने नारेबाजी की। स्पीकर महाना इस हंगामे से भावुक हो गए और कहा कि उन्हें यह देखना होगा कि क्या वे इस कुर्सी के लायक हैं।


सीएम योगी का बयान

सदन के स्थगन के बाद, सीएम योगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर से अपना जनविरोधी चेहरा दिखाया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र को हंगामे में बदलना प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि 59000 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट के माध्यम से गरीबों के कल्याण के लिए नई योजनाएं लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन सपा के नकारात्मक रवैये के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी।


महाना की चेतावनी

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पद छोड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कल सदन में जो हुआ, उससे वह बहुत आहत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें गंभीरता से विचार करना पड़ेगा कि क्या वे इस पद के योग्य हैं।


सपा का हंगामा जारी

मंगलवार को सपा विधायकों ने राम मंदिर दान चोरी पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया। इस दौरान विधायक सचिन यादव ने एक पोस्टर लहराया, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। बुधवार को भी सपा विधायकों ने आक्रामक तेवर के साथ सदन में हंगामा जारी रखा, जिसके कारण सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।