यूरोप का चीन के साथ व्यापार घाटा: समाधान की तलाश
यूरोप की चिंता: चीन के साथ व्यापारिक असंतुलन
यूरोप चीन के साथ अपने व्यापार घाटे को लेकर चिंतित है। यह चिंता मुख्य रूप से चीन द्वारा निर्मित सामानों के निर्यात के कारण उत्पन्न हुई है, जिसने यूरोपीय संघ को गंभीर स्थिति में डाल दिया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस मुद्दे को स्वीकार करते हुए कहा है कि यूरोपीय संघ अपने व्यापारिक घाटे को कम करने के लिए सभी संभव उपाय करेगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हर दिन लगभग 1 अरब यूरो का घाटा हुआ था, जो अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। यूरोप पहले से ही डीइंडस्ट्रियलाइजेशन के कारण चीन के प्रभाव का सामना कर रहा है।
यूरोपीय आयोग का संकल्प
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोपीय संसद में अपने वार्षिक 'स्टेट ऑफ द यूनियन' संबोधन में चीन के साथ व्यापार घाटे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय कंपनियों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का माहौल मिलना चाहिए। वॉन डेर लेयेन ने स्पष्ट किया कि यूरोप बीजिंग के साथ बातचीत में शामिल है, लेकिन इसके ठोस परिणाम भी सामने आने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपने संबंधों को संतुलित करने के लिए सभी साधनों का उपयोग करना होगा।
चीन की घरेलू मांग और यूरोप का निर्भरता
वॉन डेर लेयेन ने यह भी बताया कि चीन की कमजोर घरेलू मांग ने उसे यूरोपीय बाजार पर निर्भर बना दिया है, जिससे दोनों पक्षों के लिए सहयोग का एक साझा हित उत्पन्न होता है। इसके साथ ही, उन्होंने चीनी कच्चे माल पर यूरोपीय संघ की निर्भरता को कम करने का संकल्प भी व्यक्त किया। उन्होंने 'यूरोपियन कॉर्पोरेशन ऑन क्रिटिकल रॉ मैटेरियल्स' की स्थापना के महत्व पर जोर दिया।
कनाडा के साथ साझेदारी
अपने संबोधन में, वॉन डेर लेयेन ने कनाडा के साथ साझेदारी बढ़ाने का वादा किया, ताकि उसे यूरोपीय संघ का पहला 'एसोसिएट सदस्य' बनाया जा सके। यह टिप्पणी यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविक के हालिया बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने अक्टूबर तक ठोस नतीजों की मांग की थी।
चीन के व्यापार घाटे का वैश्विक प्रभाव
वॉन डेर लेयेन ने अपने भाषण में यह भी कहा कि समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करना दोनों पक्षों के हित में है। उन्होंने बताया कि चीन केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व के अन्य देशों में भी व्यापार घाटे का कारण बन रहा है। यूरोप इसका एक स्पष्ट उदाहरण है।