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योगी आदित्यनाथ का पश्चिम बंगाल पर हमला: क्या है राज्य की आर्थिक स्थिति?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य की आर्थिक और औद्योगिक स्थिति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य का औद्योगिक ढांचा कमजोर हो गया है और हजारों उद्योग बंद हो चुके हैं, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। योगी ने सांस्कृतिक मुद्दों पर भी बात की, रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने राजनीतिक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों को उठाया। जानें पूरी कहानी।
 

मुख्यमंत्री का तीखा बयान


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य की आर्थिक और औद्योगिक स्थिति की आलोचना की। बुर्राबाजार में एक चुनावी सभा में उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, जो कभी उद्योग, शिक्षा और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जाना जाता था, अब गलत नीतियों और लंबे समय से चल रहे कुशासन के कारण पीछे रह गया है।


सीएम योगी का दावा

उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी के शासन में राज्य का औद्योगिक ढांचा कमजोर हो गया है। उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में 7,000 से अधिक बड़े उद्योग बंद हो चुके हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है। इसके अलावा, हजारों छोटे और मध्यम उद्योग भी बंद हुए हैं, जिससे लगभग 30 लाख युवाओं को रोजगार से हाथ धोना पड़ा। योगी ने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि इससे राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा है और बंगाल "उद्योगों का कब्रिस्तान" बनता जा रहा है।


सांस्कृतिक धरोहर का अपमान

सांस्कृतिक मुद्दों पर बात करते हुए, उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत का उल्लेख किया। जोरासांको स्थित टैगोर के पैतृक निवास का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां राजनीतिक प्रचार से जुड़े पोस्टर लगाए गए हैं, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का अपमान है। योगी ने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों पर राष्ट्र और संस्कृति का सम्मान होना चाहिए, न कि राजनीतिक प्रचार।


राजनीतिक बदलाव की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने राज्य में राजनीतिक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने "वंदे मातरम" के 150 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल को अपनी पुरानी पहचान और गौरव को वापस पाने के लिए नई दिशा में आगे बढ़ना होगा। उनके अनुसार, विकास और उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए "डबल इंजन सरकार" की आवश्यकता है।


भाषा और धार्मिक स्वतंत्रता

इसके अलावा, उन्होंने भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों को भी उठाया। योगी ने आरोप लगाया कि बंगाली परंपराओं की अनदेखी की जा रही है और धार्मिक आयोजनों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दुर्गा पूजा और काली पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर रोक लगाने से लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। साथ ही, अयोध्या में राम मंदिर को लेकर टीएमसी के रुख पर भी उन्होंने सवाल उठाए और इसे धार्मिक संवेदनाओं के प्रति असंवेदनशील बताया।