योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार का सवाल, अखिलेश यादव ने उठाया मुद्दा
महिला पत्रकार का सवाल और राजनीतिक प्रतिक्रिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव द्वारा पूछे गए सवाल ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।
इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग नाम बदलते हैं, उन्हें 'प्रेस वार्ता' को 'प्रेस एकालाप' में बदल देना चाहिए। उनका कहना था कि जब केवल बयान दिया जा रहा है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार नहीं है, तो 'वार्ता' शब्द का क्या महत्व रह जाता है? उन्होंने यह भी कहा कि प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाना चाहिए ताकि समय की बर्बादी न हो।
नाम बदलनेवाले अब ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर दें क्योंकि जब सिर्फ़ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप ‘वार्ता’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों ख़राब कर रहे हैं, प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाएं और… pic.twitter.com/0iiXl9rDwk
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 12, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में सवालों की कमी नहीं है, लेकिन सरकार के पास उनके जवाब नहीं हैं। मुंह मोड़कर जाना और मैदान छोड़कर भागना भी एक तरह से हार मानना है। यह शासन में पक्षपात और एकतरफा बयानबाज़ी का संकेत है।
वायरल वीडियो में दिव्या श्रीवास्तव मुख्यमंत्री से सवाल पूछती हैं कि प्रेस वार्ता का मतलब सवाल पूछना भी है। जब उन्हें वीडियो बंद करने के लिए कहा जाता है, तो वे मना कर देती हैं और कहती हैं कि अगर जवाब नहीं देना है, तो इसे प्रेस वार्ता नहीं, प्रेस संबोधन कहा जाए।
इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो गया है। सपा नेता आईपी सिंह ने महिला पत्रकार से पूछताछ की आलोचना की है, और यह घटना अब एक तीखी राजनीतिक और पत्रकारिता बहस का हिस्सा बन चुकी है।