योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में विपक्ष पर साधा निशाना, काशी की विकास यात्रा का किया जिक्र
मुख्यमंत्री का वाराणसी दौरा
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में वाराणसी का दौरा किया, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि काशी को आज एक नई वैश्विक पहचान मिली है। पिछले 11 वर्षों में काशी के लिए ₹55,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से ₹36,000 करोड़ की परियोजनाएं अब तक लोकार्पित हो चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाएं प्रगति पर हैं। काशी के प्रति हर सनातन धर्मावलंबी और भारतीय नागरिक में गहरी श्रद्धा है। पिछले 11 वर्षों में काशी ने अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को न केवल संरक्षित किया है, बल्कि उसका संवर्धन भी किया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद से काशी ने देश की GDP में ₹1.3 लाख करोड़ का योगदान दिया है। यहां रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हुए हैं। आज काशी की सभी सड़कें फोरलेन से जुड़ी हुई हैं। काशी की पहचान बाबा विश्वनाथ मंदिर और मां गंगा से है। काशी के घाटों की स्थिति 2014 से पहले क्या थी, और अब ये घाट हर भारतीय को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी विरासत का सम्मान नहीं किया और अपने कार्यकाल में विकास को आगे नहीं बढ़ाया, वे आज अपनी शरारतों से विरासत को बदनाम करने और विकास कार्यों में बाधा डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। डोम समुदाय, जो हजारों वर्षों से अंतिम संस्कार के कार्य का वाहक है, उनके सम्मान और कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए, इस प्रोजेक्ट में विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि AI वीडियो बनाकर दुष्प्रचार किया जा रहा है, जो अपने आप में एक अपराध है। यह गुमराह करने का प्रयास है, जिससे सनातन धर्मावलंबियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। AI जनरेटेड वीडियो के माध्यम से मंदिर को तोड़ने का दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, जबकि हर कोई जानता है कि मणिकर्णिका में जो मंदिर हैं, वे इस प्रोजेक्ट के संरक्षण का हिस्सा बनेंगे। वर्तमान में काशी में प्रतिदिन औसतन सवा लाख से डेढ़ लाख श्रद्धालु आते हैं, और पर्यटन सीजन में यह संख्या 6 लाख से 10 लाख तक पहुंच जाती है। पिछले वर्ष अकेले काशी में बाबा विश्वनाथ धाम के दर्शन हेतु 11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे।
उन्होंने यह भी बताया कि 100 वर्ष पहले माता अन्नपूर्णा की मूर्ति यहां से चोरी कर यूरोप भेज दी गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से माता अन्नपूर्णा की मूर्ति काशी में वापस आई और बाबा विश्वनाथ धाम में स्थापित की गई।