योगी आदित्यनाथ ने विभाजन के लिए कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार
योगी आदित्यनाथ का बयान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 में भारत का विभाजन कांग्रेस की कायरता का एक उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उस समय सरदार पटेल या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता होते, तो देश का विभाजन नहीं होता। कांग्रेस की कमजोरी के कारण लाखों हिंदू, बौद्ध, जैन और सिखों का नरसंहार हुआ। यह बयान उन्होंने लखनऊ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर दिया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/QmLLDn35D8
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 14, 2026
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारत की गुलामी के दो मुख्य कारण थे, जिनमें आपसी अंतर्विरोध शामिल हैं। जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर अंतर्विरोधों ने देश को कमजोर किया, जिसके परिणामस्वरूप गुलामी का सामना करना पड़ा। अंतर्विरोधों के कारण हम एकजुट होकर लड़ नहीं सके, और इसका परिणाम देश के विभाजन के रूप में सामने आया।
लखनऊ में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति मौन पदयात्रा में… https://t.co/wpqQKBGi3E
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 14, 2026
आजादी के बाद संपत्तियों का बंटवारा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन के बाद कांग्रेस के शासन में शत्रु संपत्तियों का बंटवारा हुआ। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से आए हिंदू, जैन, बौद्ध और सिखों को बसाने में मदद नहीं की गई, जबकि उन्हें सहायता मिलनी चाहिए थी। इसके बजाय, जमीनों का बंटवारा किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की मानसिकता आज भी विभाजनकारी है, और ये लोग देश को बांटने की राजनीति कर रहे हैं।