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योगी सरकार का एंटी भूमाफिया अभियान: 2 लाख एकड़ भूमि अतिक्रमण से मुक्त

योगी सरकार का एंटी भूमाफिया अभियान उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान के तहत 2 लाख एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 99 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया गया है। चार स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है, जिससे भूमि विकास और कानूनी कार्रवाई को भी बढ़ावा मिला है। जानें इस अभियान की अन्य उपलब्धियों के बारे में।
 

भूमाफियाओं के खिलाफ योगी सरकार की सख्त कार्रवाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों के खिलाफ योगी सरकार का एंटी भूमाफिया अभियान लगातार सुर्खियों में है। राजस्व विभाग के अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में 84,005 हेक्टेयर भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त किया गया है, जो लगभग 2.08 लाख एकड़ के बराबर है। इस अभियान के तहत शिकायतों का निस्तारण, मुकदमों की पैरवी और भूमाफियाओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की गई है, जिससे सरकार की दृढ़ता स्पष्ट होती है।


चार स्तरीय टास्क फोर्स का गठन

राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अवैध कब्जों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए चार स्तरीय एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स राज्य, मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर कार्यरत है, जिसका उद्देश्य अवैध कब्जों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई को व्यवस्थित करना है। इसके लिए एक एंटी भू-माफिया पोर्टल भी विकसित किया गया है, जहां शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकती हैं।


शिकायतों का प्रभावी निस्तारण

राज्य में एंटी भू-माफिया पोर्टल पर कुल 4,34,016 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4,31,697 का निस्तारण किया जा चुका है, जो 99 प्रतिशत से अधिक है। केवल 2,319 शिकायतें अभी लंबित हैं। इस अभियान ने न केवल भूमि को कब्जामुक्त कराने पर ध्यान केंद्रित किया है, बल्कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाया है।


भूमि का विकास और कानूनी कार्रवाई

एंटी भूमाफिया अभियान की एक प्रमुख उपलब्धि 84,005 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना है, जिससे विकास के लिए भूमि उपलब्ध हो गई है। इसके अलावा, प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के तहत 25,068 राजस्व वाद, 1,168 सिविल वाद और 4,751 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वर्तमान में 144 भूमाफिया जेल में हैं।


लैंडबैंक का विकास

योगी सरकार ने अतिक्रमण से मुक्त की गई सरकारी भूमि को लैंडबैंक के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। यह भूमि औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस अभियान ने योगी सरकार के विकास के दृष्टिकोण को और मजबूत किया है।