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रक्षा मंत्री ने अग्निवीरों के लिए 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' की घोषणा की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निवीरों के लिए 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' की घोषणा की है, जिससे उन्हें दो साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बागडोगरा एयर फोर्स स्टेशन पर जवानों से बातचीत के दौरान सुरक्षा चुनौतियों और तकनीकी विकास पर भी चर्चा की। मंत्री ने जवानों से स्थानीय समुदाय के साथ संबंध मजबूत करने की अपील की और दिवाली के अवसर पर उनके परिवारों के योगदान की सराहना की।
 

अग्निवीरों को मिलेगा नया अवसर


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में घोषणा की कि अग्निवीरों को 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' के तहत पुनः देश की सेवा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे अग्निवीरों के लिए दिवाली का एक महत्वपूर्ण उपहार बताया।


इस नई व्यवस्था के अनुसार, सभी अग्निवीरों को अपनी दो साल की सेवा अवधि पूरी करने के बाद नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का मौका मिलेगा, बशर्ते कि वे अपनी इच्छा और चयन मानदंडों को पूरा करें।


शनिवार को, दिवाली की पूर्व संध्या पर, मंत्री ने पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के जवानों से बातचीत की। उन्होंने सशस्त्र बलों को उभरते सुरक्षा खतरों का सामना करने के लिए अपनी सैन्य तैयारी को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने का निर्देश दिया।


रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में सुरक्षा चुनौतियां पहले से कहीं अधिक जटिल हो गई हैं। युद्ध अब केवल सीमाओं पर पारंपरिक लड़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साइबर हमले, ड्रोन के झुंड, छद्म युद्ध, और सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचनाएं फैलाना भी शामिल है।


उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन अक्सर सीधे मुकाबले के बजाय हमारी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करता है। सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचनाएं फैलाकर स्थानीय लोगों और सैनिकों के बीच भ्रम पैदा किया जा सकता है। इसलिए, जवानों की जिम्मेदारी केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है।


राजनाथ सिंह ने बागडोगरा को एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया, जो भारत की सुरक्षा व्यवस्था, विशेषकर पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां तैनात वायुसेना के जवान क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढाल के रूप में कार्य कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि तकनीक के विकास के बावजूद, सेना में अनुशासन और साहस का महत्व हमेशा बना रहेगा। जवानों का व्यवहार और बातचीत का तरीका स्थानीय लोगों के बीच सेना की छवि को आकार देता है।


उन्होंने जवानों से स्थानीय समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करने की अपील की। उनके अनुसार, स्थानीय लोगों के साथ अधिक जुड़ाव होने पर दुश्मन की साजिशें कमजोर होंगी।


राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय स्टार्टअप और उद्योग ड्रोन, ड्रोन रोधी प्रणाली और आधुनिक सैन्य उपकरण विकसित करने में योगदान दे रहे हैं।


उन्होंने जवानों की सराहना की जो स्वदेशी तकनीक अपनाने और नए कौशल सीखने में लगे हुए हैं।


दिवाली के अवसर पर, रक्षा मंत्री ने वायुसेना के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान परिवार से दूर रहने के बावजूद, जवान देश की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।


इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।