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रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री से रेलवे परियोजनाओं में तेजी लाने का अनुरोध किया

केंद्रीय रेल मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर राज्य में लंबित रेलवे परियोजनाओं के शीघ्र समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में देरी के कारण पंजाब की रेलवे अवसंरचना प्रभावित हो रही है। बिट्टू ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख किया और राज्य सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील की। उनका मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य में आर्थिक विकास और रेल संपर्क में सुधार होगा।
 

रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं की स्थिति

नई दिल्ली - केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक पत्र भेजकर राज्य सरकार से लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। इन लंबित मामलों के कारण पंजाब में कई महत्वपूर्ण रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं में देरी हो रही है।


बिट्टू ने पत्र में उल्लेख किया कि इन परियोजनाओं का समय पर पूरा होना न केवल राष्ट्रीय महत्व का है, बल्कि यह पंजाब में रेल संपर्क को मजबूत करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, औद्योगिक प्रगति को साकार करने, और यात्री एवं माल परिवहन को बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पंजाब में रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश और स्वीकृतियां दी हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण और अन्य अनुमतियों में देरी के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।


बिट्टू ने जिन प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख किया है, उनमें शामिल हैं:


फिरोजपुर–पट्टी नई रेल लाइन परियोजना:
25.72 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के लिए फिरोजपुर और तरनतारन जिलों में 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। रेलवे मंत्रालय ने भूमि अधिग्रहण के लिए ₹194.11 करोड़ की राशि दिसंबर 2025 में पंजाब सरकार को उपलब्ध कराई थी, लेकिन अब तक अधिग्रहित भूमि का कब्जा रेलवे को नहीं सौंपा गया है, जिससे निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।


राजपुरा–मोहाली नई रेल लाइन परियोजना:
18.11 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का कार्य पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर जिलों में भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण प्रभावित हो रहा है। बिट्टू ने इस प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने का आग्रह किया है ताकि परियोजना का कार्य समय पर आगे बढ़ सके।


नंगल डैम–तलवाड़ा–मुकेरियां नई रेल लाइन परियोजना:
इस परियोजना के अंतर्गत दो प्रस्तावों के लिए स्टेज-II वन स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जबकि तीसरे प्रस्ताव के लिए वन्यजीव शमन योजना की स्वीकृति अभी लंबित है। रेलवे ने 16 जून 2026 को एकीकृत वन्यजीव शमन योजना प्रस्तुत की है। अंतिम वन स्वीकृति प्राप्त करने के लिए इस योजना की शीघ्र मंजूरी आवश्यक है।


रमन मंडी–सद्दा सिंघवाला नई रेल लाइन परियोजना:
मानसा–बठिंडा दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत आने वाली इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए मानसा और बठिंडा जिलों में कुल 192.42 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। बिट्टू ने राज्य सरकार से इस प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने का अनुरोध किया है।


इसके अलावा, बिट्टू ने पंजाब में विभिन्न रोड ओवर ब्रिज (ROB) और लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) परियोजनाओं में हो रही देरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण संबंधी विवाद, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), सड़क बंद करने की अनुमति, और अन्य प्रशासनिक मंजूरियां लंबित होने के कारण कई परियोजनाओं का कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि लुधियाना, फाजिल्का, संगरूर, होशियारपुर, मोहाली, बठिंडा, जालंधर और पठानकोट सहित कई जिलों में आवश्यक स्वीकृतियां लंबित हैं, जिससे इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन में अनावश्यक विलंब हो रहा है।


बिट्टू ने कहा कि इन रेलवे परियोजनाओं के पूर्ण होने से पंजाब में रेल संपर्क को नई मजबूती मिलेगी, माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी, और औद्योगिक एवं कृषि विकास को गति मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की और अनुरोध किया कि संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर लंबित मामलों के समाधान को प्राथमिकता दी जाए।


बिट्टू ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पंजाब में रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। इन परियोजनाओं को बिना किसी और विलंब के पूरा करने के लिए राज्य सरकार का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।”