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राघव चड्ढा के वोटर स्टेटस पर सियासी विवाद: सीईओ कार्यालय का स्पष्टीकरण

पंजाब में भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के वोटर स्टेटस को लेकर विवाद बढ़ गया है। सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि 13 अगस्त को जारी की गई मतदाता सूची केवल एक प्रारूप थी। चड्ढा ने अपनी स्थिति को लेकर सरकार पर आरोप लगाए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया है। 12 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिस पर सभी की नजरें हैं।
 

पंजाब में वोटर लिस्ट विवाद

चंडीगढ़: पंजाब में भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के वोटर स्टेटस को लेकर चल रहे सियासी विवाद के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। सीईओ कार्यालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को जारी की गई मतदाता सूची केवल एक 'प्रारूप सूची' (Draft Roll) थी, न कि राज्य की अंतिम मतदाता सूची। आयोग के सूत्रों ने बताया कि पूरे मामले की गहन समीक्षा की गई है और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक प्रविष्टियों को दुरुस्त कर 12 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।


चड्ढा का तीखा हमला

ड्राफ्ट लिस्ट में 'शिफ्टेड' लिखने पर राघव चड्ढा ने बोला था तीखा हमला

यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब राघव चड्ढा ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम 'शिफ्टेड' दर्शाए जाने पर भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। मोहाली में पंजीकृत मतदाता होने का हवाला देते हुए चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आरोप लगाया कि मौजूदा सांसद होने के बावजूद उनका नाम हटाना आम आदमी पार्टी सरकार की सोची-समझी 'बदले की राजनीति' है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) गाइडलाइंस के तहत सांसदों और विधायकों के लिए 'संरक्षित सूची' का प्रावधान है, जिसका उनके मामले में जानबूझकर उल्लंघन किया गया।


मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया

'दावे और आपत्तियां' की प्रक्रिया जारी, नियमों के तहत होगा सुधार

सीईओ कार्यालय के सूत्रों ने चड्ढा के राजनीतिक आरोपों पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन यह स्पष्ट किया कि वर्तमान में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के तहत 'दावे और आपत्तियां' दर्ज कराने का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी मतदाता के नाम, पते या वर्गीकरण से जुड़ी त्रुटियों को औपचारिक रूप से ठीक किया जा सकता है। चड्ढा ने भी स्पष्ट किया था कि वह एसआईआर दिशा-निर्देशों के तहत मिलने वाले सभी कानूनी और प्रशासनिक विकल्पों का उपयोग कर रहे हैं ताकि अंतिम प्रकाशन से पहले रिकॉर्ड को दुरुस्त कराया जा सके।


आम आदमी पार्टी का जवाब

आम आदमी पार्टी ने आरोपों को नकारा, बैकडेटेड रजिस्ट्रेशन का लगाया आरोप

आम आदमी पार्टी ने चड्ढा के सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे चुनावी मशीनरी को बदनाम करने की कोशिश करार दिया है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने या उसमें नाम जोड़ने-हटाने में पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं होती, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया सीधे चुनाव आयोग के अधीन संचालित होती है। 'आप' ने आरोप लगाया कि चड्ढा सार्वजनिक रूप से दिल्ली में रह रहे हैं और वह बैकडेटेड प्रक्रिया के जरिए दिल्ली में अपना मतदाता पंजीकरण कराने का प्रयास कर रहे थे, जिसका दोष अब वह राज्य सरकार पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल 12 अक्टूबर को आने वाली अंतिम सूची पर सभी की निगाहें टिकी हैं।