राज ठाकरे को चुनौती देने वाले अन्नामलाई का मुंबई दौरा: क्या होगा अगला कदम?
राजनीतिक बयानबाज़ी में नया मोड़
नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता के. अन्नामलाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी ने एक नया मोड़ ले लिया है। सोमवार को अन्नामलाई ने राज ठाकरे पर तीखा हमला करते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से चुनौती दी, यह कहते हुए कि वह मुंबई आने वाले हैं और यदि किसी में हिम्मत है तो उन्हें रोककर दिखाए। इस बयान ने दोनों नेताओं के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है।
मुंबई आने की खुली चुनौती
अन्नामलाई ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से धमकियां मिल रही हैं, जिनमें उनके साथ हिंसा की बातें कही जा रही हैं। उन्होंने इन धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर किसी में हिम्मत है तो सामने आकर उन्हें रोके। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी कहा कि अगर किसी को इतना गुस्सा है तो वह उनका पैर काटकर दिखाए। अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
राज ठाकरे का मज़ाक और विवाद की शुरुआत
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब राज ठाकरे ने अन्नामलाई के नाम का मज़ाक उड़ाते हुए उन्हें "रसमलाई" कह दिया। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई से जुड़े मुद्दों पर अन्नामलाई की टिप्पणियों पर सवाल उठाए और कहा कि बाहरी नेता मुंबई पर टिप्पणी क्यों कर रहे हैं। इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।
चेन्नई में गंभीर आरोप
चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें पैर काटने तक की धमकी दी है। अन्नामलाई ने सवाल उठाया कि आदित्य ठाकरे और राज ठाकरे उन्हें धमकी देने वाले होते कौन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और इस पहचान पर उन्हें गर्व है।
धमकियों से डरने का इनकार
अन्नामलाई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उन्हें इन धमकियों से डर लगता तो वे अपने गांव से बाहर ही नहीं निकलते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल उन्हें गालियां देने और बदनाम करने के लिए बैठकें कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि ऐसे लोग इतने प्रभावशाली हो चुके हैं कि वे उनके कदम रोक सकें।
मुंबई और कामराज पर बयान
अन्नामलाई ने अपने बयान में यह भी कहा कि यदि वह कामराज को भारत के महान नेताओं में से एक बताते हैं, तो इसका यह अर्थ नहीं कि कामराज तमिल नहीं थे। इसी तरह, यदि वह मुंबई को एक विश्वस्तरीय शहर कहते हैं, तो इसका यह मतलब नहीं कि महाराष्ट्र के लोगों का इसमें योगदान नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी शहर की तारीफ करना वहां के लोगों का अपमान नहीं होता।
राज ठाकरे का पलटवार
राज ठाकरे का पलटवार और बाल ठाकरे का जिक्र
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले राज ठाकरे ने मुंबई को अंतरराष्ट्रीय शहर कहने पर अन्नामलाई पर निशाना साधा था। उन्होंने अपने चाचा बाल ठाकरे का जिक्र करते हुए पुराने नारे का उल्लेख किया और क्षेत्रीय अस्मिता पर जोर दिया। यह बयान शिवसेना (यूबीटी) और मनसे की संयुक्त रैली के दौरान दिया गया था, जिससे यह विवाद और अधिक राजनीतिक रंग में ढल गया।
राजनीतिक टकराव का संकेत
राजनीतिक टकराव का व्यापक संकेत
अन्नामलाई और राज ठाकरे के बीच यह जुबानी जंग केवल व्यक्तिगत बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय पहचान, राजनीतिक प्रभाव और राष्ट्रीय बनाम क्षेत्रीय राजनीति के टकराव को भी दर्शाती है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।