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राजद कार्यकर्ताओं का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, सीईसी का पुतला फूंका

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों के खुलासे पर रांची में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में आरोप लगाया गया कि आयोग ने भाजपा को चुनावों में अनुचित लाभ पहुंचाया है। राजद के नेताओं ने मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगाते हुए कहा कि कई लाख लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
 

राजद का विरोध प्रदर्शन


राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेदों के खुलासे पर रांची में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया और उनके इस्तीफे की मांग की।


शनिवार को अल्बर्ट एक्का चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन में, राजद कार्यकर्ताओं ने आयोग पर भाजपा को चुनावों में 'अनुचित लाभ' पहुंचाने का आरोप लगाया।


राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम दास सिंह ने कहा, “बिहार, बंगाल और अन्य राज्यों में जनता की भावना भाजपा के खिलाफ है। लेकिन सीईसी ज्ञानेश कुमार ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए मतदाता सूचियों में हेरफेर किया है। उन्होंने कुमार से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की।”


यह घटनाक्रम 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन आदेशों पर आपत्ति जताई थी, जो उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए थे।


राजद नेता सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बिहार में लगभग 65 लाख और बंगाल में करीब 27 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए।


राजद की उपाध्यक्ष अनीता यादव ने कहा, “राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाने के बावजूद, कुमार ने पूरी तरह से उदासीनता दिखाई। उन्होंने न केवल एसआईआर प्रक्रिया में छेड़छाड़ की, बल्कि मतदान के बाद वोट प्रतिशत में बदलाव की साजिश भी की।”