राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा: सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा
कोलंबो में राजनाथ सिंह की महत्वपूर्ण मुलाकात
कोलंबो, 9 सितंबर: भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और समृद्धि के मुद्दों पर चर्चा की गई। सिंह मंगलवार को श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे थे।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि सिंह ने राष्ट्रपति दिसानायके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित गहरी मित्रता है। सिंह ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति को उनकी सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर बधाई भी दी।
बयान में कहा गया है, 'दोनों पक्षों ने यह पुष्टि की कि भारत और श्रीलंका, जो सभ्यतागत रूप से निकटतम पड़ोसी हैं, अपने विकास और कल्याण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।'
यह भारतीय रक्षा मंत्री की 38 वर्षों में पहली श्रीलंका यात्रा है। सिंह ने सोशल मीडिया पर इस बैठक को गर्मजोशी भरी और सार्थक बताया।
दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि श्रीलंका अपने क्षेत्र का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं करेगा। उन्होंने भारत द्वारा चक्रवात दितवाह के दौरान दी गई सहायता के लिए भी आभार व्यक्त किया।
सिंह ने कहा कि भारत, श्रीलंका का सबसे करीबी मित्र है और संकट के समय मदद करने की जिम्मेदारी को समझता है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने भारतीय रक्षा बलों द्वारा निर्मित तीन बेली पुलों का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उद्घाटन किया।
इसके अलावा, श्रीलंकाई वायुसेना के लिए एल-70 तोपों के उन्नयन और भारत तथा श्रीलंका के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के बीच सहयोग से संबंधित समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया गया।
श्रीलंकाई वायुसेना के छह एल-70 तोपों के उन्नयन का यह समझौता भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान के तहत है। इससे श्रीलंका में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की वायु रक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
भारत के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय और श्रीलंका के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के बीच शैक्षणिक सहयोग से संबंधित समझौता ज्ञापन ज्ञान के आदान-प्रदान को सुगम बनाएगा। यह दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
सिंह ने कहा कि संकट के समय भारत हमेशा श्रीलंका के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत में यह बात कही।
सिंह रक्षा और विदेश मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।